डीएम प्रशांत आर्य ने धराली गांव का दौरा कर आपदा प्रभावित लोगों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने धराली क्षेत्र में चल रहे तात्कालिक आपदा पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा उपस्थित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि 14 अक्टूबर को धराली गांव में एक विशेष शिविर आयोजित किया जाए। जिसमें प्रभावितों के आवश्यक प्रमाण पत्र मौके पर ही निर्गत किए जा सके। डीएम ने शिविर में स्वास्थ्य विभाग,राजस्व,समाज कल्याण,ग्राम्य विकास,पंचायती राज आदि विभागों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम ने धराली में निर्माणाधीन सेब कलेक्शन एवं ग्रेडिंग सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में गति लाने और तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय किसानों को इसका शीघ्र लाभ मिल सके। डीएम ने धराली मुखबा पैदल मार्ग पर सुरक्षात्मक कार्यों का भी निरीक्षण किया।
उधर भारत-तिब्बत सीमा से लगे सीमांत गांव जादूंग वाइब्रेंट विलेज भी डीएम पहुंचे। यहाँ उन्होंने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्धता और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण से पूर्व डीएम ने सीओ आईटीबीपी एवं अन्य अधिकारियों के साथ समसायिक विषयों पर भी चर्चा की। डीएम ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में पारम्परिक शैली में 6 होम स्टे का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा दूसरे चरण में 8 होम स्टे बनाए जाएंगे। कुल 14 होम स्टे के पूरा होने पर जादूंग गांव में आने वाले पर्यटकों को ठहरने की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इससे एक ओर जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा,वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
इस दौरान डीएम के साथ सीडीओ एस.एल. सेमवाल व अन्य उपस्थित रहे।