देहरादून/ उत्तराखंड राज्य आन्दोलन में पत्रकारों एवं छायाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर यहां कचहरी परिसर शहीद स्मारक में “शहीदों को नमन” श्रद्धांजलि एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक शहीदों को नमन समिति और श्री दुर्गा सोशल वेलफेयर सोसाइटी रही।
कार्यक्रम में शहीद हुए राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दायित्वधारी अशोक वर्मा ने कहा कि राज्य आंदोलन में पत्रकारों एवं छायाकारों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण रही I पूर्व सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि आंदोलन का श्रेय पत्रकारों व आंदोलनकरियों को जाता है I उन्होंने कहा कि राज्य के बलिदानियों की बदौलत राज्य आंदोलन को सफलता मिली जो आज हमारे लिए स्मरणीय हैं I उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आंदोलनकारियों के विषय को गंभीरता के साथ सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। वरिष्ठ आंदोलनकारी जगमोहन नेगी ने कहा कि यह दुख का विषय है कि आज सरकार राज्य आन्दोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाले पत्रकारों के योगदान को भुला कर बैठी हुई है, सरकार को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए I वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र अन्थवाल ने कहा कि पत्रकारों ने आंदोलन में जोखिम भरी पत्रकारिता की और सरकार की गंभीरता आज भी उपेक्षा नजर आ रही है, जो कि दुर्भाग्य की बात है I पत्रकार गजेन्द्र नौटियाल ने कहा कि सरकार ऐसे पत्रकारों की सूची बनाए जिन्होंने आंदोलन में अपनी जोखिम भरी भूमिका निभाई। वरिष्ठ पत्रकार शूरवीर भंडारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियो के चिन्हीकरण मामले में न कांग्रेस दूध की धुली है और न भाजपा जो कि हमारे लिए दुख की बात है I पत्रकार रविंद्रनाथ कौशिक ने भी अपने विचार व्यक्त किए I प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र कंडारी ने कहा कि राज्य आंदोलन में सबसे पहले पत्रकार और वकील कूदे, लेकिन सभी का पारदर्शी सम्मान होना चाहिए I लेकिन आज भी सरकार की चिन्हीकरण प्रक्रिया में पत्रकार उपेक्षित हो गया है I कार्यक्रम में शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों यशोदा रावत, प्रवीण सेमवाल,यशोदा ममगाईं, एस एस बिष्ट समेत वरिष्ठ प्रेस छायाकार
अजय गुलाटी,मो.असद,वरिष्ठ पत्रकार और आंदोलनकारी गजेन्द्र नौटियाल, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र अन्थवाल, मोहम्मद असद,अनिल चटर्जी, मो. खालिद,पृथ्वी सिंह, राजेश पांडे को शॉल और पुष्प देकर सम्मानित किया गया I इस अवसर पर शहीदों को नमन कैलेंडर का भी विमोचन किया गया I
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आंदोलनकारी जगमोहन नेगी व छायाकार मंगेश कुमार ने किया।