देहरादून/ गत 11 मार्च को प्रेमनगर क्षेत्रान्तर्गत मॉडूवाला रोड, बालासुदरी मंदिर परिसर मे एक अज्ञात महिला का शव एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे मे बरामद होने की सूचना कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रेमनगर पुलिस को प्राप्त हुई थी। जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर प
पहुंची जहाँ एक अज्ञात महिला का शव एक सफेद कट्टे के अन्दर पडा था, उसके बगल में एक रजाई पडी थी। जिससे सम्भवत: शव को ढका गया था। घटना की सूचना पर एसएसपी देहरादून द्वारा घटना स्थल पर पहुंचकर उपस्थित अधिकारियों से घटना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गई। मौके पर फारेन्सिक टीम द्वारा घटनास्थल की फोटोग्राफी वीडियोग्राफी करते हुए आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई। मौके पर मृतक महिला की शिनाख्त हेतु आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई पर महिला का शव 4 से 5 दिन पुराना होने तथा शव का चेहरा पूरी तरह खराब हो जाने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस द्वारा मौके पर मृतक महिला का पंचायतनामा भरते हुए शव को शिनाख्त हेतु मोर्चरी में रखवाया गया। घटना के सम्बन्ध में उ0नि0 अमित शर्मा चौकी प्रभारी झाझरा द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना प्रेमनगर में मु0अ0सं0: 44/26 धारा: 103 (1), 238 बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया। मृतका के शव का पोस्टमार्टम डाक्टरो के पैनल के माध्यम से करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला दबाकर हत्या किया जाना पाया गया। एसएसपी के निर्देशों पर 8 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा घटना स्थल व उसके आस-पास के जंगलों में काम्बिंग करते हुए घटना स्थल व आने जाने वाले मार्गो पर लगे 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों को बारीकी से चैक किया गया साथ ही सर्विलांस व अन्य माध्यमों से भी घटना से जुडी जानकारियां एकत्रित की गई। परन्तु घटना स्थल शीतला माता मन्दिर व उसके परिसर में कोई सीसीटीवी कैमरा न होने व उसके आस-पास घने जंगल का क्षेत्र होने के कारण पुलिस को कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई। मृतक महिला के पहनावे से उसके किसी मलीन बस्तियो में रहने की सम्भावना के दृष्टिगत उसकी शिनाख्त हेतु पुलिस द्वारा घटना स्थल व उसके आस-पास के क्षेत्रों में लगभग 30 से अधिक मलीन,
झुग्गी बस्तियों में व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाते हुए लगभग 5000 बाहरी,
स्थानीय व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन किया गया साथ ही नव निर्मित भवनों, हॉस्टलों, झुग्गी झोपडियों, नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों, मजदूरों, आदि के मध्य मृतक महिला की पहचान सम्बन्धी पाम्प्लेट वितरित कर सोशल मीडिया के माध्यम से भी शव की शिनाख्त के प्रयास किये गये। पुलिस द्वारा शव की शिनाख्त हेतु लगातार किये जा रहे प्रयासों के दौरान
पुलिस टीम अज्ञात महिला की शिनाख्त हेतु कॉसवाली कोठरी पहुंची तो पुलिस टीम को जानकारी मिली कि कॉसवाली कोठरी मे एक नव निर्मित मकान मे काम करने वाला बिहार का एक मजदूर अपनी बीवी व छोटे बच्चे के साथ उसी साईट पर रहकर मजदूरी कर रहा था पर होली के आस-पास से उसके साथ रहने वाली महिला दिखाई नहीं दे रही है और उसका बच्चा किसी अन्य महिला के साथ उक्त मजदूर के साथ दिखाई दे रहा है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा उक्त मकान के ठेकेदार शिवजी, जो भाऊवाला मे रहता है,से गहनता से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा बताया गया कि उसके पास काम करने वाले रंजीत शर्मा नाम के मजदूर की दो पत्नियां हैं, जिनमें से उसकी पहली पत्नी रूपा अपनी बच्ची के साथ माह फरवरी में उसके पास आई थी तथा निर्माणाधीन साइट पर ही उसके साथ रह रही थी। 8 मार्च को रंजीत शर्मा द्वारा अपनी पत्नी व बच्ची को बिहार वापस भेजने की बात कहते हुए उससे मोटर साइकिल व 1500 रू0 मांगे तथा 9 मार्च को उसकी मोटर साइकिल वापस करते हुए उसे बताया कि उसकी पहली पत्नी रूपा बिहार चली गई है तथा दूसरी पत्नी सुशीला बिहार से उसके पास आ गई है। उसके बाद रंजीत अपनी दूसरी पत्नी व पहली पत्नी की बच्ची के साथ कुछ दिन उक्त साइट पर ही रहा तथा वर्तमान में भाटोवाला में रह रहा है। उक्त सूचना पर पुलिस टीम तत्काल भाटोवाला पहुंची जहां पुलिस टीम को देखकर उक्त संदिग्ध व्यक्ति रजींत भागने का प्रयास करने लगा, पर पुलिस टीम द्वारा उसे मौके पर दबोच लिया। जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त अज्ञात महिला की पहचान अपनी पहली पत्नी रूपा के रूप में करते हुए उसका गला दबाकर उसकी हत्या करना तथा शव को कट्टे में डालकर शीतला माता मन्दिर के पास जंगल में फेंकने की बात स्वीकार की गयी जिस पर पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर अभियुक्त
ने बताया कि वर्ष 2009 में उसका विवाह रूपा नाम की महिला से हुआ था तथा 4 वर्ष पूर्व उसकी पत्नी रूपा ने किसी अन्य पुरूष के साथ भागकर उससे शादी कर ली थी, जिसके बाद अभियुक्त द्वारा भी अपने बगल के गांव में रहने वाली सुशीला नाम की महिला से विवाह कर लिया, जो पूर्व से ही शादी शुदा थी।
अभियुक्त पिछले 12 वर्षों से देहरादून में अलग-अलग स्थानो पर रहकर मजदूरी कर रहा था तथा पिछले एक साल से उसकी दूसरी पत्नी सुशीला गांव में ही रह रही थी। एक वर्ष पूर्व उसकी पहली पत्नी रूपा अपने दूसरे पति को छोडकर वापस गांव आ गई तथा अभियुक्त के सम्पर्क में आकर उससे बातें करने लगी। 23 फरवरी को अभियुक्त की पहली पत्नी रूपा अपनी 11 माह की पुत्री के साथ अभियुक्त के पास देहरादून आ गई तथा उसके साथ उक्त निर्माणाधीन साइट पर ही रहने लगी। इस दौरान उसके द्वारा लगातार अभियुक्त पर अपनी दूसरी पत्नी को छोडने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे लेकर उनके मध्य अक्सर विवाद हुआ करता था। 5 मार्च की रात्रि में अभियुक्त के अपनी दूसरी पत्नी से फोन पर बात करने के दौरान मृतका रूपा द्वारा उससे फोन छीन लिया तथा उस पर अपनी दूसरी पत्नी से बात न करने का दबाव बनाने लगे। जिसे लेकर दोनो के बीच विवाद हो गया तथा अभियुक्त द्वारा उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को एक सफेद कट्टे में डालकर मकान के एक अलग कमरे रख दिया तथा उसे छिपाने की नीयत से उस पर रजाई डाल दी। उसके बाद अभियुक्त ने अपनी दूसरी पत्नी को फोन कर उसे देहरादून आने के लिये कहा। इस दौरान शव को ठिकाने लगाने का मौका न मिलने तथा 11 माह की बच्ची के साथ होने के कारण अभियुक्त द्वारा उक्त शव को 4 दिनों तक उक्त मकान के एक अलग कमरे में रजाई से छिपाकर रखा। 8 मार्च को अपनी दूसरी पत्नी के देहरादून आने पर अभियुक्त द्वारा उक्त बच्ची को उसके पास छोडकर अपने ठेकेदार की मोटर साइकिल के पीछे उक्त शव के कट्टे को बांधकर उसे रजाई से ढक दिया तथा शव को शीतला देवी मन्दिर के पास जंगल में फेंक कर वापस आ गया।
गिरफ्तार अभियुक्त
रंजीत शर्मा पुत्र बिन्देश्वरी शर्मा, निवासी गा्रम कडयूमर, पो0 सुखासन, थाना सिमरी बख्तयारपुर, जिला सहरसा, बिहार, उम्र 32 वर्ष, हाल निवासी भाटोवाला, देहरादून है।
मृतक महिला श्रीमती रूपा पत्नी रंजीत शर्मा निवासी ग्राम कडयूमर, पो0 सुखासन थाना सिमरी बख्तयारपुर जिला सहरसा, बिहार उम्र 32 वर्ष, हाल निवासी भाटोवाला, देहरादून थी।
अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम मे उ0नि0 कुन्दन राम, थानाध्यक्ष प्रेमनगर, व0उ0नि0 अनित कुमार,
उ0नि0 अमित शर्मा, चौकी प्रभारी झाझरा, उ0नि0 सतेन्द्र सिह,प्रधुमन सिह नेगी,
प्रवीण सैनी,कां0 रोबिन सिह
,श्रीकांत मलिक,रवि शंकर, कैलाश डोभाल,बृजमोहन सिह
,जसवीर सिह कण्डारी,वाशुदेव राणा, अमित कवि,अमरेन्द्र सिह,
हे0कां0 किरन कुमार एसओजी,दीप प्रकाश,नरेन्द्र सिह रावत,लोकेन्द्र सिंह उनियाल,कां0 चालक जी.एस. सैनी शामिल रहे।
उधर उक्त घटना का अनावरण करने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र द्वारा 5000 रू0 तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 2500 रू0 के नगद पुरूस्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की गई है।