राज्य स्थापना रजत जयंती के मौके पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आम जन को मिली स्वास्थ्य सेवाएं। नेत्र अनुभाग जिला चिकित्सालय एवं
विवेकानंद नेत्रालय, रामकृष्ण मिशन आश्रम देहरादून द्वारा संयुक्त रूप से जिला चिकित्सालय में दो दिवसीय निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर लगाया गया। इस अवसर पर स्वामी असीमात्मानंद महाराज जी, सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम देहरादून ने कहा कि “स्वयं को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम उपाय यह है कि दूसरों के जीवन में प्रसन्नता का प्रकाश फैलाया जाए।”उन्होंने बताया कि रामकृष्ण मिशन आश्रम देहरादून द्वारा जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के आई ऑपरेशन थिएटर और वार्ड का नवीनीकरण कार्य किया गया तथा निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया।
डॉ. मानसी पोखरियाल विवेकानंद नेत्रालय देहरादून ने बताया कि जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में पहली बार अत्याधुनिक फेको मशीन द्वारा मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए हैं। इसका संपूर्ण सेटअप विवेकानंद नेत्रालय देहरादून से लाया गया, और पूरी टीम ने अत्यंत उत्साह के साथ सेवा कार्य संपन्न किया। डॉ. हरि शंकर पात्रा ने बताया कि
इस दो दिवसीय शिविर में दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए 80 मरीजों के सफल ऑपरेशन किए गए। डॉ. अभिमन्यु पोखरियाल ने कहा कि सभी मरीजों को निशुल्क ऑपरेशन के साथ-साथ दवाइयाँ और आवश्यक परामर्श भी निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।
शिविर के समापन के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. पी. एस पोखरियाल ने विवेकानंद नेत्रालय, रामकृष्ण मिशन आश्रम देहरादून द्वारा जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में उनके द्वारा दी गई सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
शिविर में जिला चिकित्सालय से डॉ आस्था रावत, विनोद कुमार एवं नेत्र विभाग के अन्य स्टाफ तथा विवेकानंद नेत्रालय
OT इंचार्ज अनुराग शर्मा, Outreach इंचार्ज तेज बहादुर, ऑप्टोमेट्रिस्ट मोहित थपलियाल, राजा दास, उज्जल, सिद्धांत जोशी, निरंजन, अनिल कुमार और कुलदीप यादव सम्मिलित रहे।
उधर स्वास्थ्य विभाग उत्तरकाशी की ओर से आज जिले के सभी ब्लॉक चिकित्सा इकाइयों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 9 से 12 माह और 16 से 24 माह के बच्चों को मीजिल्स-रुबेला (एम.आर.) वैक्सीन दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत ने बताया, “अभियान का मूल उद्देश्य मीजिल्स-रुबेला उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।” विभागीय टीमों द्वारा गर्भवती महिलाओं का भी टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।