गत सोमवार तक नो ड्यूज न देने पर बैंक शाखा कुर्क कर सम्पत्ति नीलामी के डीएम सविन बंसल ने जो निर्देश दिए थे उन पर एक्शन हुआ है। दरअसल 17 लाख के लोन का ऋण बीमा होने के बावजूद बैंक द्वारा विधवा माता व दिव्यांग बच्चों को प्रताड़ित किया जा रहा था। जिसके बाद पीड़ित विधवा डीएम से मिली और बैंक की शिकायत की। जिसके बाद डीएम के निर्देश पर पिछले 10 दिन से एसडीएम उक्त प्रकरण को फोलोअप कर रही थी तथा बैंक को सोमवार तक नो ड्यूज देने का समय दिया गया था अन्यथा की दशा में बैंक शाखा की सम्पत्ति कुर्क कर नीलामी करने के निर्देश दिए गए थे।
विधवा शोभा ने डीएम से मिलकर गुहार लगाई कि उसके पति की मृत्यु वर्ष 2024 में हो गई थी। शोभा रावत पत्नी स्व. मनोज रावत ने डीएम को बताया कि उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक शाखा से 10,00,000/- तथा 7,00,000/- कुल 17,00,000/- का लोन लिया था। शोभा केे पति मनोज रावत की मृत्यु 30 अक्टूबर .2024 को हो गयी थी। दो बच्चे जिनमें एक बिटिया पढाई करती है तथा बेटा 100 प्रतिशत् दिव्यांग है। बैंक द्वारा पति की मृत्यु के उपरांत इंश्योरेंस की क्लेम कुल रू० 13,20,662/- की धनराशि को लोन की धनराशि में समायोजित किया गया तथा लगभग रू0 5,00,000/- की धनराशि जमा की जानी अवशेष है। विधवा महिला शोभा जो गृहणी है, जिसका आय का कोई साधन नहीं है तथा उसका एक पुत्र जो 24 साल का है, 100 प्रतिशत विकलांग एवं बोलने चलने में असमर्थ है एवं एक पुत्री जो शिक्षारत् है की समस्त जिम्मेदारी भी उस पर है।