डीएम सविन बंसल ने आज अधिकारियों को साथ लेकरर विकासनगर से चकराता तक का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान जजरेट में रॉक फाल बेरियर बनाने की अनुमति दी। डीएम ने ध्वेरा, जड़वाला, हईया मार्ग सुधारीकरण के निर्देश देते हुए 10 लाख की धनराशि आपदा से मौके पर ही स्वीकृत की। डीएम ने पाटा गांव भू- धसाव का जियोलॉजिकल सर्वे कराने के भी निर्देश दिए। पाटा प्लान में 200 मी. उंचा व 180 मी. चौड़ा स्लोब स्टेबलाइजेशन कार्य होना है।
इसके लिये डीएम ने आपदा एक्ट में विशेष शक्ति का प्रयोग कर मौके पर ही जारी की अनुमति और लोनिवि को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।
उधर वर्षाकाल में ग्राउण्ड जीरो पर डीएम सविन बंसल ने दुर्गम क्षेत्र के लोगों का हाल भी जाना और समस्याएं भी सुनी।
डीएम का कहना था कि पहाड़ों की लाइफ लाइन सड़कों को हर हाल में दुरुस्त रखना है।
डीएम ने सीएचसी में स्थानीय लोग की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने चकराता को सभी गांवों का एक केंद्र बिन्दु बताते हुए चकराता से सीएचसी को शिफ्ट ना करने की बात प्रमुखता से रखी। डीएम ने कहा कि जनहित के दृष्टिगत जो भी बेहतर होगा वो किया जाएगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सीएचसी चकराता के नाम दर्ज भूमि का सीमांकन करने और भवन निर्माण हेतु आंगणन शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनता मिलन के बाद डीएम ने सीएचसी के लिए डाकरा में चयनित भूमि का स्थलीय निरीक्षण भी किया और स्वास्थ्य विभाग को चयनित भूमि का जियोलाजिकल सर्वे एवं भूमि की मृदा परीक्षण कराने के निर्देश दिए।