उत्तराखंड का एकमात्र प्राचीन परशुराम मंदिर उत्तरकाशी में है जहाँ आज भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया गया

 

उत्तरकाशी में भगवान शिव के अनन्य भक्त परशुराम जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनायी गई। उत्तरकाशी स्थित भगवान परशुराम मंदिर उत्तरखंड का एकमात्र मंदिर है। परशुराम मंदिर उत्तरकाशी के काशीविश्वनाथ मंदिर से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है।

इधर आज परशुराम जयंती पर भगवान परशुराम जी के श्रंगार के पश्चात विश्व कल्याण के लिए विशेष हवन यज्ञ किया गया जिसमें श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय के विद्यार्थियों तथा आचार्यों ने स्वस्तिक वाचन किया। इस अवसर पर विगत वर्षो की भांति नगर में भगवान परशुराम जी की भव्य शोभायात्रा झांकी निकाली गई जिसमें गोस्वामी, गोपाल विद्या मंदिर, श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय उत्तरकाशी के छात्र -छात्राओं ने भाग लिया। पवित्र मणिकर्णिका घाट पर भगवान के पुराने ध्वज को विसर्जित कर नवीन ध्वज को गंगाभिषेक कर श्री परशुराम मंदिर में नवीन ध्वज को स्थापित किया गया। तत्पश्चात भजन- कीर्तन तथा प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान,अजय पुरी, बुद्धि सिंह पंवार, महेंद्र पाल सजवाण, सुभाष चन्द्र नौटियाल, डा. राधेश्याम खण्डूरी, डा. द्वारिका प्रसाद नौटियाल, पुजारी विनोद नौटियाल,अनूप नौटियाल, अनिल बहुगुणा , गोपाल विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य विकास सेमवाल, परशुराम मंदिर के पुजारी एवं प्रबंधक शैलेन्द्र नौटियाल, सतेन्द्र नौटियाल राजेन्द्र प्रसाद भट्ट, प्रेम सिंह पंवार, जगमोहन सिंह चौहान हेमराज बनूणी, सुरेन्द्र सिंह गंगाड़ी , मंगल सिंह चौहान, अक्षय नौटियाल पारस कोटनाला, अंकित मंमगाई,शुभदीप ,अर्चना रतूड़ी किरन पंवार, सुषमा नौटियाल, अदिति नौटियाल,संतोषी बनूणी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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