आर्मी अफसर बनकर सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर युवाओं से ठगी करने वाला शातिर व्यक्ति एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस की पकड़ में आया है। फर्जी आर्मी अफसर बनकर इस ठग द्वारा अब तक कई नवयुवकों के साथ कई लाखों रूपये की धोखाधड़ी की गई है। एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा इस मामले की जानकारी देते हुये बताया गया कि आर्मी इंण्टेलीजेन्स देहरादून यूनिट द्वारा एसटीएफ को दी गयी गोपनीय सूचना के आधार पर एक ठग द्वारा अब तक कई नवयुवकों के साथ लाखों रूपये धोखाधड़ी की गई है। देहरादून के थाना पटेलनगर में एक नवयुवक द्वारा आर्मी में भर्ती कराये जाने को लेकर धोखाधड़ी किये जाने का अभियोग भी पंजीकृत किया गया है। जिसके बाद एसटीएफ टीम द्वारा उन नवयुवकों के बारे में जानकारी ली गयी जिनसे धोखाधड़ी की गयी थी। पूछताछ की गयी तो पता चला कि पटेलनगर क्षेत्र में रहने वाले प्रमोद कुमार उर्फ वासू ने उन्हें बताया था कि वह आर्मी में अफसर है और उसकी आर्मी में अच्छी जान पहचान है। जहां पर विभिन्न ट्रेडमेन के पद निकलते ही रहते हैं, जिन पर वह नौकरी लगवा सकता है। जिसके लिये उसने प्रत्येक नवयुवक से 3 से 3.50 लाख रूपये झांसा देकर ले लिये। कुछ युवाओं ने बताया कि मिलिट्री हास्पिटल देहरादून में आर्मी की वर्दी पहने हुये भी फर्जी आर्मी अफसर मिला था जिस कारण से युवाओं को यकीन हो गया कि वह आर्मी अफसर ही है। एक नवयुवक परवेज ने बताया कि उसको तो आर्मी में चालक के पद पर भर्ती करने का एक एडमिट कार्ड भी दिया और बाद में फर्जी मेरिट लिस्ट दिखाकर सलेक्शन होना बताया जिस पर जब परवेज मिलिट्री हास्पिटल देहरादून पहुंचा तो पाया की वह मेरिट लिस्ट फर्जी थी । जिसके बाद परवेज पुत्र सलीम निवासी पटेलनगर दवारा थाना पटेल नगर मे प्रमोद कुमार उर्फ वासु व अन्य के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ टीम देहरादून द्वारा मिल्ट्री इंटेलीजेंस और पटेलनगर पुलिस की मदद से 3 फ़रवरी की रात्रि में चंद्रमणी रोड से अभियुक्त प्रमोद कुमार उर्फ वासू को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से एक फर्जी आर्मी पहचान कार्ड, एक जोडी आर्मी की वर्दी व अन्य आर्मी से सम्बन्धित पोशाक व मोबाइल फोन बरामद हुए हैं ।अभियुक्त प्रमोद कुमार उर्फ वासू पुत्र अनिल कुमार निवासी चंद्रपाल खेड़ी पो. नुक्कड़ थाना नुक्कड़ जनपद सहारनपुर का रहने वाला है।
उक्त ठग को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में एसटीएफ से निरीक्षक अबुल कलाम,यादविंदर सिंह बाजवा, विघादत्त जोशी,संजय मेहरोत्रा, हेड कांस्टेबल संजय कुमार, महेंद्र सिंह नेगी, बृजेंद्र चौहान. मोहन असवाल, गोविंद बल्लभ के साथ ही पुलिस और आर्मी इंटेलीजेंस की टीम भी शामिल थी।