डीएम प्रशान्त आर्य ने सरेंडर किए गए राशन कार्डों की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि जिला आपूर्ति कार्यालय में राज्य खाद्य योजना (एसएफवाई) के 63, प्राथमिक परिवार (पीएचएच) के 33 तथा अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के 16 राशन कार्ड सरेंडर किए गए हैं। वहीं ब्लाक कार्यालयों में राज्य खाद्य योजना के 14, प्राथमिक परिवार के 27 तथा अंत्योदय अन्न योजना के 10 राशन कार्ड जमा किए गए हैं।
डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि सरेंडर किए गए राशन कार्डों के स्थान पर पात्र परिवारों का चयन निर्धारित मानदंडों के आधार पर प्राथमिकता के अनुसार सुनिश्चित किया जाए। जिस पर जिला पूर्ति अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि प्राथमिक परिवार योजना के अंतर्गत उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका मुखिया दिव्यांग व्यक्ति या विधवा महिला हो तथा परिवार की कुल मासिक आय 15 हजार रुपये से कम हो। वहीं अंत्योदय अन्न योजना के तहत ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका मुखिया दिव्यांग व्यक्ति या विधवा महिला हो और जिनकी सभी स्रोतों से कुल मासिक आय चार हजार रुपये से कम हो। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सत्यापन में अपात्र पाए जाने वाले कार्डधारकों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे तथा अपात्र होने की तिथि से अब तक प्राप्त राशन की बाजार मूल्य पर वसूली की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। डीएम ने सभी अपात्र परिवारों को अपने राशन कार्ड स्वेच्छा से सरेंडर करने की अपील करते हुए कहा कि इसकी अंतिम तिथि 19 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि 20 मार्च 2026 के बाद जिले में गहन राशन कार्ड सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।