मेघनाद, कुम्भकरण का हुआ वध, पुत्र शोक में लंकापति रावण व मंदोदरी का विलाप

 

श्री आदर्श रामलीला समिति उत्तरकाशी द्वारा आयोजित रामलीला में आज की रामलीला के मंचन में जिन दृश्यों का मुख्य रूप से मंचन किया गया उनमें कुंभकरण को ढोल नगाड़े के साथ जगा कर भगवान श्री रामचंद्र जी के साथ युद्ध भूमि में ले जाया जाता है और युद्ध में श्री रामचंद्र जी से पराजित होकर मृत्यु को प्राप्त होता है , इसके पश्चात इंद्रजीत मेघनाथ के साथ युद्ध में शक्ति लगने के बाद लक्ष्मण की मूर्छा दूर होने के बाद लक्ष्मण के द्वारा मेघनाथ को युद्ध में पराजित कर उनका वध करना, पुत्र शोक में लंकापति रावण और महारानी मंदोदरी का विलाप आदि भावुक दृश्यों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव विभोर और मंत्रमुग्ध कर दिया।
आज के रामलीला मंचन में पात्र राम आयुष पंवार, लक्ष्मण अजय मखलोगा, हनुमान प्रवीण कैन्तुरा, रावण अजय पंवार, मंदोदरी रूप मोहिनी राणा , मेघनाथ ठाकुर दीपेंद्र सिंह परमार , मंत्री संतोष नौटियाल, विभीषण अरमान नौटियाल , सुग्रीव संजय पंवार, अंगद आदर्श राणा और जामवंत का मनोज बिष्ट रहे।
इधर आज की रामलीला में अथितियों के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी तथा विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति के पदाधिकारी शामिल हुए।
उधर श्री आदर्श रामलीला समिति {रजि}, उत्तरकाशी के तत्वाधान और अथक प्रयास से जनपद उत्तरकाशी में पहली बार रामलीला में मुख्य आकर्षण 3 अक्टूबर शुक्रवार को 1 बजे दोपहर से सांय 4 बजे तक आचार्य कृष्णानंद नौटियाल के निर्देशन, लेखन, संवाद प्रेषण और कुशल मार्गदर्शन से वीर अभिमन्यु गढ़वाली चक्रव्यूह नाटक का मंचन केदार घाटी मण्डाण ग्रुप गुप्तकाशी रूद्रप्रयाग की महिला कलाकारों के द्वारा पहली बार रामलीला मैदान उत्तरकाशी में किया जाएगा।

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