उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में राम मंच पर रामलीला की 74वीं एवं गढ़वाली बोली-भाषा की 5वीं पुनरावृत्ति में आज जिन दृश्यों का मुख्य रूप से मंचन हुआ उनमें श्रीरामचंद्र के द्वारा मेघनाथ के साथ युद्ध के लिए लक्ष्मण को भेजना और लक्ष्मण को युद्ध में शक्ति लगना और उनका मूर्छित हो जाना। उधर मेघनाथ के द्वारा रावण को मिली सूचना के बाद रावण दरबार में खुशी में नाच गाना और जश्न मनाने का भी मंचन हुआ। वहीं रामादल में शोक और निराशा के साथ सुषेण वैध को बुलाकर हनुमान के द्वारा संजीवन बूटी लाकर लक्ष्मण की मूर्छा को दूर करने की भी प्रस्तुति हुई।
उक्त मंचन में राम आयुष पंवार, लक्ष्मण अजय मखलोगा, हनुमान प्रवीण कैंन्तुरा, रावण अजय पंवार, मेघनाथ ठाकुर दीपेंद्र सिंह परमार, सुषैण वैध संतोष नौटियाल, सुग्रीव संजय पंवार ,अंगद आदर्श राणा, विभीषण अरमान नौटियाल ने बेहतर मंचन किया।
उधर मुख्य अतिथि की श्रृंखला में आज हरितालिका वीरांगना समूह की अध्यक्ष व पूर्व नगर पालिका चेयरमैन श्रीमती सुधा गुप्ता सहित उनकी महिला पदाधिकारी भी मौजूद थी।