डीएम प्रशांत आर्य ने रविवार को विकास खंड मोरी के आपदाग्रस्त क्षेत्र का भ्रमण किया। मानसून सीजन में विकास खंड मोरी के पर्वत एवं बंगाण क्षेत्र को जोड़ने वाली अनेक आंतरिक सड़क मार्ग भूस्खलन एवं भू-धसाव से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हुए है। डीएम ने अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया और अवरुद्ध सड़क मार्गों को युद्ध स्तर पर सुचारू करने के निर्देश दिए। अतिवृष्टि से किसान एवं बागवानों की फसलों के नुकसान का आंकलन करने के निर्देश मुख्य उद्यान अधिकारी एवं मुख्य कृषि अधिकारी को दिए। डीएम ने बद्रासु गांव में हुए भूस्खलन का निरीक्षण किया। क्षतिग्रस्त पेयजल,विद्युत लाइनों को ठीक कराने के साथ ही पानी और बिजली की बहाली करने के निर्देश ईई जल संस्थान और विद्युत को दिए। भूस्खलन से खतरे की जद में आए मकानों के सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए। उसके उपरांत डीएम ने ब्लाक मुख्यालय का निरीक्षण किया। ब्लाक मुख्यालय के पास नाली निर्माण एवं जिन मकानों को भूस्खलन से खतरा उत्पन्न हुआ है वहां सुरक्षात्मक कार्य करने और पैदल मार्ग को ठीक कराने के निर्देश दिए। सुनकुंडी गांव में हैलीपैड एवं व्यू प्वाइंट के पास भू-धसाव होने से आवासीय भवनों एवं खेतों को उत्पन्न हुए खतरे को देखते हुए सुरक्षात्मक कार्य कराने के निर्देश पीडब्ल्यूडी को दिए। डीएम ने जखोल-फिताड़ी-लिवाड़ी को जोड़ने वाले मोटर पुल से बैंचा तक भूस्खलन और नदी के कटाव से क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग के सुरक्षात्मक कार्य के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए तथा जखोल लिवाड़ी अवरुद्ध सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर सुचारू करने के निर्देश वैपकोस को दिए। डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान विधायक दुर्गेश्वर लाल, एसडीएम मुकेश रमोला,ब्लाक प्रमुख मोरी रणदेब सिंह राणा,मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ.रजनीश सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी एस.एल. वर्मा समेत अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।