उत्तरकाशी में मणिकर्णिका गंगा घाट में व्यवस्थाएं माकूल नहीं है। जबकि इस गंगा घाट का बड़ा महत्व है। गंगा स्नान से लेकर गंगा आरती जहाँ नित होती आ रही है वहीं समय-समय पर देवताओं का गंगा स्नान भी इसी घाट पर प्राचीन समय से होता आ रहा है। मुंडन संस्कार,श्राद्ध ,पिंड दान,तर्पण का भी इस घाट से धार्मिक महत्व जुड़ा है। एक बार जब इस घाट का नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत सौन्दर्यकरण हुआ था तब यह सेल्फी पॉइंट तक बन चुका था।
इस बीच श्राद्ध पक्ष चल रहा है। यात्रा भी शुरू हो चुकी है मगर घाट में व्यवस्थाएं माकूल नहीं हैं। गंगा आरती स्थल समेत घाट के चेंजिंग रूम में बालू भरा है। गंगा का जल स्तर कम होने के बाद यहां से बालू आदि हटाई जानी थी। विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अजय बडोला ने घाट की व्यवस्था मुकम्मल किये जाने की मांग की है ताकि श्रद्धालुओं, यात्रियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।