भारत रत्न स्व.पं.गोविंद बल्लभ पंत की 138वीं जयंती जिले में बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। डीएम प्रशांत आर्य ने कलेक्ट्रेट परिसर में पंत जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उसके बाद कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। डीएम ने पं.गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि वे महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक, प्रभावी वक्ता और तर्कशक्ति के धनी थे। उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रहित में अनेक दूरगामी निर्णय लिए। कुली बेगार प्रथा की समाप्ति, कृषि सुधारों और जमींदारी उन्मूलन जैसे सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तनकारी कदमों के लिए उन्होंने निर्णायक संघर्ष किया। डीएम ने कहा कि पं. गोविंद बल्लभ पंत ने स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई तथा देश को नई दिशा प्रदान की। आज पूरा देश उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। उनके आदर्श,त्याग और योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं और इन्हें आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।