डीएम उत्तरकाशी प्रशान्त आर्य ने जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक लेते हुए उद्यान विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। डीएम ने कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा महत्वाकांक्षी योजनाओं में लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी होना चाहिए, ताकि वास्तविक और पात्र किसानों को इसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि कीवी मिशन के तहत केवल उन्हीं किसानों का चयन किया जाए जो योजना की पात्रता रखते हो और जिनमें इस दिशा में लगन से कार्य करने की क्षमता हो। उन्होंने कहा कि कीवी एक उच्च मूल्य वाली नकदी फसल है। जनपद में कीवी उत्पादन को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए,ताकि स्थानीय किसान इसका लाभ उठाकर अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें और एक बेहतर आय अर्जित कर सकें।
डीएम ने योजनाओं के दायरे को बढ़ाते हुए उद्यान विभाग को निर्देश दिए कि केवल बड़े काश्तकारों तक ही सीमित न रहें,बल्कि छोटे और सीमांत किसानों को भी कीवी मिशन से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक असमानता कम होगी और छोटे स्तर के किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
बैठक में सीएचओ डॉ.रजनीश सिंह,सीएओ एस.एस. वर्मा,महाप्रबंधक नावार्ड पारीक,महाप्रबंधक उद्योग शैली डबराल,सचेंद्र परमार,कुशलानंद बहुगुणा सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।