डबरानी से सोनगाड़ के बीच मार्ग खोलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं बावजूद इसके निर्माण एजेंसियां कार्य मे लगी है। सबसे बड़ी बाधा वाशआउट वाले स्थान में हो रही है। नया रास्ता बनाने के लिये पहाड़ से मलवा हटाने और तलहटी में वायरक्रेट बिछाने में दिक्कत इसलिए आ रही है कि पहाड का फेस कमजोर है और उसमें स्लाइड होने से कहीं अधिक समय लग रहा है। इस बीच उक्त बंद मार्ग को खोलने में बाधा डाल रहे बड़े बोल्डर को हटाने के लिये ब्लास्टिंग का भी सहारा लेना पड़ रहा है।
इधर आज डीएम प्रशांत आर्य जो कि आपदा के बाद से सभी व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए ने डबरानी के निकट आपदा के दौरान गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के क्षतिग्रस्त हुए हिस्से को पुनः बहाल किए जाने हेतु मौके पर पहुंचकर चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। डीएम ने बीआरओ और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से मार्ग के उक्त हिस्से को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का उपयोग करने के निर्देश दिये। डीएम ने गंगोत्री राजमार्ग के विभिन्न स्थानों पर सड़कों पर हुए भू-धंसाव का निरीक्षण भी किया और बीआरओ व पीडब्ल्यूडी एवं संबंधित एजेंसियों को इससे निपटने और आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये ।