धराली,हर्षिल तक अभी सड़क खुलने में तीन-चार दिन का समय लगेगा। बीआरओ के सूत्रों के हवाले से डीएम प्रशांत आर्य ने बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गंगनानी से आगे लिम्बागाड़ में वैली ब्रिज पूर्ण हो चुका है। डीएम ने कहा कि सडक खुल जाने से आवागमन से लेकर कई अन्य परेधानियाँ दूर होंगी। डीएम ने कहा कि आपदा प्रभावित इलाके में बिजली, पानी,कनेक्टिविटी में तेजी से कार्य हुआ है और बहाली भी हुईं है। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री के धराली,हर्षिल आने के बाद उनके दिशा निर्देशों पर राहत, बचाव व रेस्क्यू का कार्य युद्ध स्तर पर हुआ है जिसमे प्रशासन व आर्मी दोनों ग्राउंड जीरो पर कार्यरत हैं। डीएम ने कहा कि क्षति के आंकलन की रिपोर्ट आज शाम तक आ जायेगी। आपदा में लापता लोगों की जानकारी के जवाब में उन्होंने कहा कि यह कार्य एनडीआरएफ व एसडीआरएफ कर रही है। जिनका सर्च अभियान इसे लेकर चल रहा है। लापता लोगों की पुष्ट जानकारी मिलने के बाद ही इसका डाटा बन पाएगा कि कितनी जन हानि हुई है।
डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि धराली, हर्षिल में आयी आपदा के बाद से ही जिला प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। वे स्वयं घटना के बाद से प्रभावित क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं तथा लोगों के बीच जा कर समन्वय स्थापित करने के साथ- साथ इस संकट की घड़ी में उनका ढांढस भी बंधा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धराली – हर्षिल से लोगों को निकालने के लिए पिछले 6 दिनों से लगातार राहत बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। जिससे आपदा प्रभावितों को वहां से सुरक्षित निकालकर निरंतर उनके गंतव्य के लिए भेजा जा रहा है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालकर सुरक्षित राहत शिविर में रखा गया है जहां उन्हें भोजन, पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डीएम ने कहा कि सरकार व प्रशासन इस मुश्किल घड़ी में प्रभावितों के साथ है और उनकी सहायता के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता पीड़ितों को सुरक्षित करना और उन्हें हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे धैर्य रखें और किसी भी जरूरत के लिए सीधे प्रशासन से संपर्क करें।
इस बीच डीएम आज 6 दिन के कैंप के बाद हर्षिल धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र से जनपद मुख्यालय पहुंचे जहां आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत बचाव अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा आपदाग्रस्त क्षेत्र में सभी जरूरी व्यवस्थाओं को बहाल किए जाने की रणनीति पर चर्चा की व अवश्य दिशा निर्देश जारी किए।
इसके तत्काल बाद स्थिति की संवेदनशीलता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के दृष्टिगत डीएम पुनः हर्षिल,धराली क्षेत्र के लिए रवाना हो गए।