गत पांच अगस्त को धराली,हर्षिल में अतिवृष्टि व बादल फटने से गंगोत्री मार्ग ध्वस्त व बाधित हुआ वहीं इसके नजदीकी कई स्थानों में नदी-नालों में भारी बारिश की वजह से सड़क का कटाव व भूस्खलन हुआ उससे गंगोत्री मार्ग का जिला मुख्यालय से हर्षिल,धराली तक का संपर्क कट गया। आपदा राहत,बचाव,रेस्क्यू ऑपरेशन फिलहाल सभी कुछ हेली सेवाओं के जिम्मे है। सड़क मार्ग कब तक खुलेगा अभी कहना असंभव है मगर जिस तरह से सड़क मार्ग को खोले जाने के लिये तेजी से कार्य हो रहा है यदि मौसम ने साथ दिया तो मार्ग जल्द बहाल हो सकता है।
इधर अभी तक गंगोत्री मार्ग जो कि जगह-जगह बाधित हुआ है रिपोर्ट के मुताबिक गंगनानी से आगे नाग देवता मंदिर लिम्बागाड़ के पास जो 30 मीटर का पुल आपदा की भेंट चढ़ गया था इस स्थान पर वैली ब्रिज का कार्य 60 प्रतिशत हो गया है। मौसम साफ रहा तो कल तक ब्रिज पूर्ण हो जायेगा। इधर सोनगाड़ व डबरानी के पास भागीरथी गंगा के कटाव से मार्ग अभी क्षतिग्रस्त है। हर्षिल एवं धराली के पास गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब 350 मीटर भाग में मलवा आया है जिसमे अभी तक 250 मीटर भाग का मलवा हटाया गया है। 100 मीटर भाग को खोला जाना अवशेष है। उक्त मार्ग को खोले जाने के लिये बीआरओ की 5 जेसीबी समेत 45 जिसमे अधिकारी, कर्मचारी ,ऑपरेटर मजदूर कार्य मे लगे हैं।