देहरादून जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त करने हेतु डीएम सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने आज बैगर्स कार्पाेरेशन लि. के साथ एमओयू किया है। डीएम के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी पिछले 3 माह से इस प्रोजेक्ट पर कार्य रहे थे, जो आखिरकार आज धरातल पर उतर गया है। इस प्रोजेक्ट की डीएम स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लिप्त वयस्क लोगों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा रोजगार से जोडते हुए उद्यमी बनाना है। डीएम ने स्वयं और अपनी जिला प्रशासन की टीम की ओर से बैगर्स कारर्पोरेशन लि. का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देहरादून को भिक्षावृत्तिमुक्त बनाने में जिला प्रशासन प्रयासरत है। उन्होंने बैगर्स कारर्पोरेशन के प्रतिनिधियों से जिला प्रशासन की इस मुहिम में सहयोग की अपेक्षा की।
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों की पहचान करना और उन्हें सेन्टर में भर्ती कर उनकी क्षमता का आकलन करते हुए उन्हें अपने कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को रेस्क्यू कर उन्हें कौशल प्रशिक्षण व्यवसाय, उद्यम के आधार पर सिलाई, भोजन तैयार करना, हस्तशिल्प बनाना जैसे आवश्यक कौशल प्रदान किए जाएंगे। इस योजना के माध्यम से भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों को व्यवसाय सेटअप, विपणन और वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से मार्गदर्शन करने के लिए मार्गदर्शक नियुक्त किया जाएगा। भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए लोंगों को प्रशिक्षित करते हुए उनके उत्पाद विकास निर्मित सामग्री या स्थानीय शिल्प का उपयोग करके अद्वितीय उत्पाद बनाना भी होगा। बैगर्स कार्पोरेशन लि. के सीईओ चन्द्र मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन को अपना प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न कोनो से वर्चुअल माध्यम से जुड़े बैगर्स कार्पोरेशन लि. के सदस्यों द्वारा डीएम देहरादून द्वारा जनहित में किये जा रहे कार्यों की प्रसंशा की जा रही है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, बैगर्स कार्पोरेशन के सीईओ चन्द्र मिश्रा व सहयोगी मुकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।