इको सेंसेटिव जोन, 21 जून को होने वाली मानिटरिंग कमेटी की बैठक में कई प्रस्ताव रखे जाने की तैयारी, उत्तरकाशी से गौमुख तक है इको सेंसिटिव जोन घोषित

 

भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की मॉनीटरिंग कमेटी की आगामी 21 जून को प्रस्तावित बैठक में सड़कों व लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण सहित कतिपय अन्य प्रस्तावों को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने इस सिलसिले में अधिकारियों की बैठक लेकर पूरे तथ्यों व तैयारी बैठक में भाग लेने के निर्देश देते हुए कहा है कि प्रस्तावों से संबंधित निर्धारित बिन्दुओ पर सभी जरूरी तथ्यों सहित सूचना समिति के सदस्यों को पहले से उपलब्ध करा दी जाय। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी ने लेकर गोमुख लगभग 100 कि.मी. दूरी तक के क्षेत्र को भागीरथी ईकों सेंसेटिव जोन घोषित किया गया है। इसके दायरे में जिले की भटवाड़ी तहसील के भागीरथी घाटी के 88 गांव शामिल किए गए हैं। इस जोन के अंतर्गत अनुमत एवं विनियमित गतिविधियों तथा निर्माण कार्यों के लिए मॉनीटरिंग कमेटी का अनुमोदन लिए जाने की व्यवस्था है। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता गठित मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक आगामी 21 जून को निर्धारित की गई है।
जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने आज लोनि.वि, डाक विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग, उत्तराखंड जल विद्युत निगम आदि विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की मॉनीटरिंग कमेटी के सम्मुख प्रस्तुत किए जाने वाले प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन प्रस्तावों से संबंधित सर्वेक्षण रिपोर्ट, भूवैज्ञानिक रिपोर्ट, परियोजना के दायरे में आने वाले वन क्षेत्र एवं वृक्षों की प्रजातिवार संख्या, परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव, क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की योजना आदि सभी तथ्यों का संकलित विवरण प्रस्तुत करने के साथ ही के साथ ही इन कार्यों की आवश्यकता व उपयुक्तता को स्पष्ट करने वाले तमाम पहलुओं को भी स्पष्ट किया जाय। ताकि बैठक में समिति के सम्मुख इन प्रस्तावों पर असरदार ढंग से पैरवी सुनिश्चित हो सके।
भागीरथी ईको सेंसेटिव जोन की मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में जिला स्तर से नौ ग्रामीण सड़कों तथा दो मेगावाट तक की छः लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण की मंजूरी दिए जाने के प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही डाक विभाग की गंगाजल योजना, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम नीति के अंतर्गत दो निजी होटल इकाईयों का निर्माण और होटल आदि व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन हेतु भू-उपयोग परिवर्तन के छः प्रस्ताव भी इस बैठक में रखे जाने की तैयारी की जा रही है।

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