महज पांच से छः घंटे का सफर उत्तरकाशी से राजधानी देहरादून का है मगर दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद दुर्भाग्यवश राजधानी के लिए कोई भी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। सबसे बड़ा सवाल उत्तरकाशी शहर से देहरादून के लिए सिर्फ एक रोडवेज। बांकी रोडवेज की बस सर्विस गई तो गई कहाँ? सवाल उठना लाजिमी है कि इसकी कौन सुध लेगा ?
देहरादून से महिडांडा बस सेवा जिसका लाभ सेना के जवानों को भी मिलता था यह सेवा अनियमित हो गई है। देहरादून से वाया डामटा-बड़कोट होते उत्तरकाशी बस सेवा को बंद हुए एक लंबा अरसा हो गया है। एक रोडवेज की बस सेवा देहरादून से दोपहर डेढ़ बजे उत्तरकाशी के लिए स्वीकृत हुई थी और इसका समय उत्तरकाशी से तड़के 5 बजे चलने का था ताकि 5 बजे चलकर यात्री सेम डे डेढ़ बजे वापसी कर सकता था। गौरतलब है कि गत वर्ष यह बस सेवा महज 10 से 15 दिन ही चली मगर इस सेवा को जो समय निर्धारित किया था उससे हटकर सुबह साढ़े छः बजे देहरादून से चलकर सेम डे वापसी देहरादून डिपो द्वारा कराई गई। यानि बस रात्रि में उत्तरकाशी रुकने को राजी नहीं थी।
इधर पिछले दिनों मुख्यमंत्री के करीबी एक नेता ने रोडवेज की नई बस सेवा अपने क्षेत्र से शुरू कराने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र दिया। यह खबर सोशल मीडिया में चली। इस पर अधिकांश लोगों ने तर्क दिया कि जब स्वीकृत रोडवेज सेवायें ही बंद व अनियमित हैं तो भला पहले बंद सेवाएं तो बहाल हो जाएं।
