देहरादून/ श्री बद्रीनाथ धाम में ‘थाली भेंट’ के नाम हुई वित्तीय अनियमितता के मामले में चमोली पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। एसआईटी द्वारा की जा रही गहन जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले के सह-आरोपी और तत्कालीन मंदिर अधिकारी राजेन्द्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। चमोली के सीओ मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में लगातार साक्ष्य जुटाने में जांच के दौरान ‘थाली भेंट गणना कक्ष’ की सीसीटीवी फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया, जिसने पूरे घोटाले की परतें खोल दीं। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि राजेन्द्र चौहान दान में प्राप्त सोने-चांदी के सिक्कों से भरे डिब्बे और कीमती सामग्री को अपने पास रख रहे थे। इतना ही नहीं, 22, 25 और 29 जून 2026 की फुटेज में उन्हें ₹500 के नोटों की गड्डियां भी अपनी जेब में भरते हुए स्पष्ट देखा गया है।
पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि बीकेटीसी (BKTC) के स्थायी कर्मचारी और तत्कालीन थाली भेंट गणना प्रभारी राजेन्द्र चौहान ने नामजद आरोपी प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक षड्यंत्र रचा था। पूछताछ के दौरान राजेन्द्र चौहान ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व में 12 जुलाई को मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के नेतृत्व में चल रही इस जांच में अब तक ठोस इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए गए हैं। साक्ष्यों की पुष्टि होने पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)(क) की वृद्धि की गई है। सीओ मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि 17 जुलाई को आरोपी राजेन्द्र चौहान को ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। चमोली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में जो भी अन्य लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।