देहरादून/ देहरादून जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। ऋषिकेश क्षेत्र के बनखण्डी में एक वाहन (संख्या यूके14सीए-6186) में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग की शिकायत प्राप्त होने पर डीएम सविन बसंल ने त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रकरण की जांच कराई जिसमें पाया गया कि उक्त वाहन ऋषिकेश स्थित मै० अंकुर गैस एजेंसी, प्रगतिविहार से संबंधित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया गया।
एजेंसी प्रबंधन द्वारा बताया गया कि संबंधित वाहन चालक योगेन्द्र कुमार एवं उसके सहयोगी आशीष को वीडियो सामने आने के बाद कार्य से हटा दिया गया है। अभिलेखों की जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त व्यक्तियों के संबंध में एजेंसी के पास कोई विधिवत सत्यापन अथवा नियुक्ति संबंधी अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए। जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम द्वारा अभिलेखों के परीक्षण में यह भी पाया गया कि 12 अप्रैल तक उक्त वाहन एवं चालक को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही थी, जिससे एजेंसी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई।
वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य-पूर्व क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर संभावित प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (अद्यतन) एवं प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026 के तहत सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। इन प्रावधानों के अंतर्गत अवैध भंडारण, कालाबाजारी एवं अवैध रिफिलिंग दंडनीय अपराध है।
उक्त प्रकरण में वाहन चालक योगेन्द्र कुमार पुत्र गुलाब सिंह, निवासी आदर्श नगर, हरि विहार, बल्लभगढ़, फरीदाबाद (हरियाणा), उनके सहयोगी आशीष तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 एवं भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इधर डीएम ने कड़े निर्देश दिए हैं कि गैस की कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग एवं उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने समस्त कार्मिकों का सत्यापन सुनिश्चित करें तथा वितरण प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करें।