श्रीनगर गढ़वाल के रेस्टोरेंट मालिक एस.के.जैन द्वारा कोतवाली श्रीनगर में एक लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि अक्षत नामक व्यक्ति एवं उसके साथियों द्वारा उनके रेस्टोरेंट के खाने में कॉकरोच मिलने की शिकायत पर FSSAI में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने साथ ही रेस्टोरेंट,होटल की प्रतिष्ठा खराब करने तथा फोटो,वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर उनकी पुत्री से 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस संबंध में कोतवाली श्रीनगर पर मु0अ0सं0- 09/26, धारा- 308(2), 318(4), 61(2) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर कुलदीप नेगी के पर्यवेक्षण व उपनिरीक्षक मुकेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर प्रकरण में विवेचना प्रारंभ की गई। गठित पुलिस टीम द्वारा जुटायी गई आवश्यक जानकारी, बैंक डीटेल आदि से विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त अक्षत आनन्द उर्फ साहिल, सोहेल अख्तर एवं रितेश मिश्रा द्वारा सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत गत 24 नवम्बर को श्रीनगर स्थित ट्रॉपिकल रेस्टोरेंट में भोजन किया गया था जिसके पश्चात इन लोगों द्वारा खाने में कॉकरोच मिलने की शिकायत पर वीडियो बनाई गई तथा उसके बाद लगातार रेस्टोरेंट,होटल संचालक को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) में इसकी शिकायत करने की धमकी दी गई साथ ही फर्जी नोटिस तैयार कर रेस्टोरेंट,होटल संचालक को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई। इसके जरिए रेस्टोरेंट को बदनाम करने, लीगल नोटिस देने एवं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रेस्टोरेंट मालिक को कम से कम ढाई लाख रूपये देने हेतु दबाव बनाया गया। अभियुक्त अक्षत द्वारा लगातार कॉल एवं संदेशों के माध्यम से जबरन वसूली हेतु दबाव बनाया गया, जिसके पश्चात परेशान होकर रेस्टोरेंट संचालक की पुत्री ने प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से अक्षत के कहने पर उसके साथी सोहेल अख्तर के खाते में ट्रांसफर की गई। पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयासरत रहकर अभियुक्तों की लोकेशन, मुखबीर आदि माध्यमों से अभियुक्तों का पता लगाया गया। जिसके पश्चात पुलिस टीम द्वारा मुख्य अभियुक्त अक्षत आनन्द उर्फ साहिल, सोहेल अख्तर व रितेश मिश्रा को झज्जर, हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान साजिश में शामिल सह-अभियुक्त सोहेल अख्तर व रितेश मिश्रा को धारा 35(3) बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस दिया गया, किन्तु अभियुक्तों द्वारा विवेचनात्मक कार्यवाही में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया इस कारण दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।