डीएम प्रशांत आर्य ने फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति के लिए आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त कर कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य में धीमी गति और लापरवाही को देखते हुए डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभाग के कार्मिकों के वेतन आहरण पर आगामी आदेशों तक तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य सीधा किसानों के हितों से जुड़ा है इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान एसडीएम और तहसीलदारों को कड़े निर्देश दिए गए कि वे कृषि, उद्यान और पंचायत विभाग के कार्मिकों के साथ-साथ पटवारियों को तत्काल फील्ड में उतारें ताकि 15 दिनों के भीतर सभी रजिस्ट्री कार्य पूरे किए जा सकें। इसके साथ ही, तकनीकी समस्याओं और आधार में मोबाइल नंबर अपडेट जैसी बाधाओं के निराकरण हेतु ईडीएम को निर्देश दिए कि वे पटवारी, वीडीओ, वीपीडीओ और एएओ को तत्काल तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करें।
डीएम ने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि वे ‘एग्रीस्टैक’ के तहत अपनी डिजिटल आईडी बनवाने में प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि यह उनके हित के लिए है। उन्होंने सचेत किया कि 31 मार्च तक रजिस्ट्री पूर्ण न होने पर संबंधित किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित हो सकते हैं। किसान आधार कार्ड, खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ स्वयं पोर्टल, जन सेवा केंद्र या विभागीय शिविरों के माध्यम से अपना पंजीकरण समय से पूर्ण करा लें।