जंगलात के बेरियर से ओके होकर निकली प्रतिबंधित वन संपदा पुलिस के बेरियर में नॉट ओके हो गई

 

 

उत्तरकाशी में पुलिस ने प्रतिबंधित काजल-काठ की लकड़ी की तस्करी करते माल सहित दो लोगों को पकड़ा। यह प्रतिबंधित वन संपदा गंगोरी-अगोडा के वन क्षेत्र से निकाली गई थी। गौरतलब है कि प्रतिबंधित वन संपदा उपरोक्त एरिया से निकलने के बाद वन विभाग के बेरियर गंगोरी से आसानी से पार हो जाती है। इससे साफ होता है कि एक लंबे समय से वन के अंदर प्रतिबंधित वन संपदा को कटोरेनुमा तराशने के लिये आंखिर वक़्त किसने दिया। वन के अंदर हो रही इस तरह की गतिविधि से साफ होता है कि वन संपदा को तराशने से लेकर ठिकाने लगाने के लिये वन तस्करों को वन के अंदर आजादी मिली थी। इधर यह कोई पहला मौका नहीं है। एक वर्ष पूर्व तो यही वन संपदा जब तस्करी होकर निकल रही थी तब उसने जंगलात के दो बेरियर क्रॉस कर जीत लिये थे मगर धरासू में उनकी जीत में अवरोध आ गया।

बता दें कि डुण्डा पुलिस की टीम ने चौकी डुण्डा बैरियर पर
गोपाल बोहरा पुत्र चन्द्र सिंह बोहरा निवासी ग्राम डोली, चोर थाना कंचनपुर, जिला कंचनपुर, महाकाली नेपाल, हॉल मोजांग, त्यूणी देहरादून, उम्र 39 वर्ष व विजय पुत्र प्रेमलाल निवासी नाल्ड, गंगोरी भटवाडी, उत्तरकाशी उम्र 35 वर्ष के पास से भारी मात्रा में प्रतिबन्धित कांजल कांठ की लकडी पकडी। डुंडा चौकी प्रभारी प्रकाश राणा के साथ डुण्डा पुलिस ने बुधवार प्रातः 6:30 बजे डुण्डा बैरियर पर चैकिंग के दौरान वाहन संख्या UK 10C 1427(यूटिलिटी) को चैक किया तो वाहन सवार गोपाल व विजय(चालक) द्वारा कांजल कांठ की प्रतिबन्धित लकडी की तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने उपरोक्त से कांजल कांठ की लकडी के 597 नग पकड़े।
पुछताछ से पता चला कि इस प्रतिबन्धित लकड़ी को देहरादून सहारनपुर तस्करी कर ले जाया जा रहा था। बहरहाल पुलिस के द्वारा इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई करने को लेकर अभियुक्तों को प्रतिबन्धित लकड़ी के साथ वन विभाग के सुपुर्द कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *