दीपावली त्योहार को नजदीक देख मिलावटखोरी की आशंका को देखते हुए एफडीए ने राज्य भर मे ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है।
उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने राज्यभर में की गई छापेमारी के दौरान नकली घी, मिल्क पाउडर और डेयरी उत्पादों की बड़ी खेप जब्त की है। ऋषिकेश, विकासनगर और भगवानपुर क्षेत्रों में पकड़े गए उत्पादों पर एफएसएसएआई (FSSAI) लेबल और गुणवत्ता प्रमाणपत्र नहीं मिले हैं। वही पकड़े गए लोगों के अनुसार ये वस्तुएं बाहरी राज्यों से अवैध रूप से सप्लाई की जा रही थीं।
इधर विकासनगर के दर्रारीट क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच की। विकासनगर, हरबर्टपुर और सहसपुर के कई प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण कर खुले पनीर के नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं भगवानपुर के बालेकी यूसुफपुर गांव में एक वाहन से बिना लेबल और मानक के डेयरी उत्पाद पकड़े गए। सभी उत्पाद जब्त कर वाहन चालक और सप्लायर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ऋषिकेश में एफडीए टीम ने पांच कुंतल क्रीम, 35 किलो घी और 50 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर से भरा वाहन पकड़ा। जिनके पास कोई गुणवत्ता प्रमाणपत्र नहीं थे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने निर्देश दिए हैं कि जब्त किए गए सभी नमूनों की जांच शीघ्रता से प्रयोगशालाओं में कराई जाए ताकि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उधर एफडीए ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदते समय एफएसएसएआई नंबर, लेबलिंग, निर्माण तिथि और पैकेजिंग अवश्य जांचें। संदिग्ध वस्तु या विक्रेता की सूचना तुरंत एफडीए हेल्पलाइन या स्थानीय कार्यालय को दें।
👉कैसे हो असली-नकली घी की पहचान
पिघलाने पर सुगंध: असली घी गर्म करने पर हल्की खुशबू देता है, नकली में रासायनिक गंध आती है।
फ्रिज टेस्ट: असली घी समान रूप से जमता है, नकली घी पर परतें बनती हैं।
पानी टेस्ट: असली घी गर्म पानी में ऊपर तैरता है, नकली नीचे बैठता है।
आयोडीन टेस्ट: वनस्पति तेल मिले घी का रंग नीला पड़ जाता है।
लेबल जांच: हमेशा एफएसएसएआई नंबर और कंपनी का नाम देखें।