4 जुलाई को कोटद्वार निवासी द्वारा कोतवाली कोटद्वार में दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री को आकाश पाल व उसकी माता नीतू बहला-फुसलाकर भगा ले गये और उससे जबरन बाल विवाह कर लिया गया। उक्त मामले को गम्भीरता से लेते हुए एसएसपी पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा नाबालिग बालिका को बरामद करने व अभियुक्त की शीध्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गये। एसएसपी के निर्देश के उपरांत प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार रमेश तनवार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पता चला कि नाबालिग का आकाश पाल से प्रेम संबंध था और वह विगत 8 अप्रैल को स्वयं ही घर छोड़कर आकाश के पास चली गई थी। इसके बाद आकाश की मां ने लड़की को अगले दिन कोटद्वार कोतवाली में लाया गया जहां नाबालिग बालिका द्वारा अपने साथ किसी भी तरह की जबरदस्ती और दुष्कर्म होने से इन्कार किया गया। पुलिस ने तत्पश्चात बालिका की काउंसलिंग करा उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन सुभाष और उसकी पत्नी पूनम द्वारा आपसी सहमति से नाबालिग का विवाह आकाश से करवा दिया गया और तीन महीने बाद सुभाष और पूनम ने आरोप लगाने शुरू कर दिये। उनके द्वारा नीतू देवी और उसके परिवार को मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हुए 18 लाख रुपये की मांग की गई। जब नीतू द्वारा अपनी गरीबी का हवाला देकर पैसे देने से मना किया तो सुभाष ने अपनी पुरानी कहानी दोहराकर कोतवाली कोटद्वार में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना के दौरान किये गये साक्ष्य संकलन व जानकारी करने से यह स्पष्ट हो गया कि पूरी घटना में सुभाष और उसकी पत्नी की भी मिलीभगत थी। पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं समेत पॉक्सो एक्ट में कार्यवाही करते हुए 10 जुलाई को ग्राम शेखूपुरा नवाबाद थाना रायपुर सादात नजीबाबाद निवासी आकाश पाल पुत्र विशनपाल, उसकी मां नीतू देवी के साथ ही नाबालिग के माता-पिता शिवपुर कोटद्वार निवासी सुभाष और उसकी पत्नी पूनम देवी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम में एसआई पंकज तिवारी, दीपिका बिष्ट, मुख्य आरक्षी धर्मवीर, महिला आरक्षी नेहा रावत शामिल रहे।