जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है कि कुछ गर्भवती महिलाओं को प्रसव के उपरांत साइबर ठगों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के नाम से फ्रॉड कॉल की जा रही हैं। साइबर ठगों द्वारा कहा जा रहा है कि प्रसव उपरांत सरकार द्वारा आपके खाते में अनुदान धनराशि के पैसे भेजे जा रहे हैं जिस हेतु आपके मोबाइल पर एक ओ0टी0पी0 आयेगा जिसे आप हमे शेयर करें। जैसे ही उनके द्वारा अनजाने में साइबर ठगों को ओ0टी0पी0 दिया जा रहा है उसके तुरंत बाद उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लिये जा रहे हैं। डॉ. रावत ने बताया कि जनपद के किसी भी चिकित्सालय द्वारा आम जनमानस एवं गर्भवती महिलाओं के प्रसवोंपरान्त् इस प्रकार की कोई कॉल नही की जाती है बल्कि संबंधित चिकित्सालय द्वारा गर्भवती महिलाओं के प्रसव होने के उपरांत सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि को सीधे बैंक एकाउण्ट में ट्रांसफर किया जाता है। इसलिए सभी लोग इस प्रकार की फ्रॉड कॉल से बचने का प्रयास करें एवं इस संबंध में ओ0टी0पी0 शेयर न करें। सीएमओ ने बताया कि इस संबंध में जनपद के सभी चिकित्सालयों को पत्र के माध्यम से निर्देश दिये गये हैं कि आम जनसमुदाय को इस प्रकार की भ्रांतियों से बचने के लिए चिकित्सालय परिसर के डिलीवरी रूम के बाहर सूचना चस्पा करने के साथ-साथ फील्ड स्तर में तैनात कार्मिकों के द्वारा समुदाय स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा आम जनसमुदाय एवं गर्भवती महिलाओं से भी अपील की गई कि यदि इस प्रकार की कोई भी फ्रॉड कॉल आती है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी जाए।