डीएम प्रशांत आर्य न धराली आपदा की समीक्षा में सिंचाई विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य शुरू न किए जाने तथा आपदा जोन में विभागीय भूमि चिन्हित न करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने सिंचाई विभाग को कड़ी चेतावनी देते हुए लंबित कार्यों को तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए साथ ही आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी एसडीएम को दिए।
डीएम ने समीक्षा के दौरान प्रभावितों को राहत प्रदान करने और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कर्मिशियल प्रभावितों की राहत राशि शीघ्र उनके खातों में स्थानांतरित करने के लिए एसडीएम को जरूरी कार्यवाही यथा समय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने अवगत कराया कि कर्मिशियल प्रभावितों के बैंक खाते सहित अन्य आवश्यक विवरण एकत्र किए जा रहे हैं। प्रक्रिया पूर्ण होते ही आरटीजीएस के माध्यम से धनराशि सीधे उनके खातों में भेज दी जाएगी। डीएम ने कहा कि प्रभावित परिवारों की निजी भूमि जहां वे अपना होटल या घर बनाना चाहते हैं,वहां निर्माण से पूर्व भू-वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए। इस सम्बंध में बताया गया की 20 प्रभावित परिवारों की प्रथम सूची भू-वैज्ञानिक को भेज दी गई है। समीक्षा में ईई लोक निर्माण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि धराली में विभाग द्वारा स्वीकृत 6 निर्माण कार्यों में से 4 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 2 कार्य प्रगति पर हैं।
आपदा प्रभावित परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रीप द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने महिला स्वयं सहायता समूहों को सेब उत्पादन, होम-स्टे और डेयरी गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया। प्रबंधक रीप द्वारा बताया गया कि आजीविका संवर्धन के तहत 74 समूह सदस्यों को पहली किश्त के रूप में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक शेड का निर्माण भी किया जा रहा है। डीएम ने झाला,जानकीचट्टी और दोबाटा में भी सामुदायिक शेड निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।