स्यानाचट्टी के हालात सामान्य की ओर अग्रसर, डीएम की मौजूदगी में जरूरी प्रयास जारी

 

21 अगस्त को बड़कोट तहसील के स्यानाचट्टी में गदेरे में मलवा आने से बनी अस्थाई झील का जलस्तर बढ़ने से होटल, घरों और सार्वजनिक भवनों में जल भराव हो जाने से भारी नुकसान हुआ था। स्यानाचट्टी में यमुना नदी का मार्ग अवरुद्ध होने से बनी अस्थाई झील के खुलने और मार्ग बहाल होने के बाद शनिवार को डीएम प्रशांत आर्य स्थानीय लोगों के बीच पहुंचे और क्षतिग्रस्त हुई परिसंपत्तियों का मुआयना किया। इस दौरान स्थानीय विधायक संजय डोभाल भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों और व्यापारियों की दुकान,मकान,होटल आदि परिसंपत्तियों को हुए नुकसान के दृष्टिगत डीएम ने सम्बंधित अधिकारियों को उनकी संपत्तियों को हुए नुकसान का आंकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जल भराव के कारण जीएमवीएन के टूरिस्ट रेस्ट हाउस और स्यानाचट्टी हाईस्कूल एवं अन्य सार्वजनिक सम्पत्तियों को भी नुकसान हुआ है। डीएम ने उक्त सार्वजनिक संपत्तियों को हुए नुकसान का ब्यौरा जुटाने के निर्देश दिये है।
इस दौरान अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुए कुपड़ा, कुंशाला पुल के निर्माण हेतु संबंधित एजेंसियों को निर्धारित समय में इस्टीमेट देने और कार्य शुरू करने के निर्देश दिये गए हैं। डीएम ने कहा कि स्यानाचट्टी में व्यवस्था बहाल की जा रही है। प्रशासन संकट की इस घड़ी में सभी प्रभावितों के साथ है । संपत्तियों को हुए नुकसान का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। स्वास्थ्य, राजस्व और आपूर्ति सहित सभी विभागों को राहत कार्य और जरूरी समान की उपलब्धता सुनिश्तित करने के निर्देश दिये गए हैं। प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल सहित राजस्व, सिंचाई, पीडबल्यूडी, पीएमजीएसवाई,पर्यटन,आपदा प्रबंधन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उधर प्रभावित इलाके में पूर्व विधायक केदार सिंह रावत ने भी हालात का जायजा लिया और प्रभावितों से भी मिले। पूर्व विधायक श्री रावत ने डीएम से भी हालात पर बातचीत की।
इधर स्यानाचट्टी में अस्थाई झील बनने के बाद प्रभावित हुए जन जीवन को बहाल करने हेतु प्रशासन द्वारा सभी जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं। स्यानाचट्टी में आज प्रभावित परिवारों के लिए रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की गई जिसका वितरण जारी है। डीएम के निर्देशों पर यमुनोत्री क्षेत्र में रुके पर्यटकों को सुरक्षित गंतव्य के लिए भेजा गया। डीएम द्वारा स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील के कारण जानकी चट्टी, यमुनोत्री में रुके पर्यटकों को सकुशल निकालने और उन्हें उनके गंतव्य तक भेजने हेतु जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया था।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी द्वारा जानकी चट्टी में फंसे दक्षिण भारत के 5 पर्यटकों को निकलवाया गया तथा शनिवार को झील का जलस्तर कम होने और मार्ग पर आवाजाही बहाल होने के बाद उनको गंतव्य पर भेजने की व्यवस्था की गई। इन पर्यटकों में 1 महाराष्ट्र, 1 तमिलनाडु तथा 3 आंध्र प्रदेश से थे।
इस बीच डीएम ने बड़कोट तहसील के खरादी में बरसात, भूस्खलन और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे हो रहे भू–कटाव का निरीक्षण किया। डीएम ने यमुना नदी के किनारे बने होटल और रेस्टोरेंट्स को सुरक्षा की दृष्टि से एतिहात बरतने को कहा तथा संबंधित अधिकारियों को नदी किनारे सुरक्षा दीवार तथा चैनेलाइजेशन करने हेतु आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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