उत्तरकाशी की तहसील बड़कोट के अंतर्गत स्यानाचट्टी में यमुना नदी पर बनी अस्थायी झील को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। झील के कारण उत्पन्न संभावित खतरे को देखते हुए डीएम प्रशांत आर्य स्वयं स्यानाचट्टी में मौजूद है और हालात पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व में विशेषज्ञों और कार्यदायी संस्थाओं की टीम झील से जल निकासी कर नदी के प्रवाह को सामान्य बनाने में जुटी हुई है।
डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जब तक झील से पानी की निकासी नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित परिवारों के लिए कम्युनिटी कीचन के माध्यम से भोजन एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए साथ ही स्यानाचट्टी से ऊपर बसे गांवों में रसद का संकट न हो इसके लिए खाद्यान्न किट तैयार रखने के निर्देश दिए है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए झील के समीप दो अतिरिक्त नावों (बोट) की व्यवस्था सुनिश्चित करने और निकटवर्ती हेलीपैड को चिन्हित कर सक्रिय करने के निर्देश दिए है। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। दोनों छोरों पर एक-एक एम्बुलेंस की तैनाती के साथ पर्याप्त दवाइयों का स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा है। डीएम ने विद्युत,आपदा प्रबंधन एवं उरेड़ा विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि स्यानाचट्टी में रात्रि में वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।