डीएम प्रशांत आर्य ने मानसून सीजन में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने दूरस्थ क्षेत्रों में जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिये उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्रों में सभी जरूरी इंतेज़ाम किए जाने के निर्देश दिये। डीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एएनएम और आशा को दूरस्थ स्थानों में जाकर स्थलीय स्तर पर गर्भवती महिलाओं की जानकारी लेने और उनका समन्वित डेटा एकत्र कर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिये। डीएम ने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में संबंधित सूचनाएं समय से उच्च स्तर पर संज्ञान में लायी जाय।
डीएम ने दुर्गम इलाके और मानसून के दौरान सड़क संपर्क में संभावित व्यवधानों को देखते हुए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को दूरदराज के गांवों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान करने और उनके साथ मजबूत संचार चैनल स्थापित करने के निर्देश दिये। डीएम ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और इस चुनौतीपूर्ण अवधि के दौरान गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है।
बैठक में एसडीएम देवानंद शर्मा, डीडीएमओ शार्दूल गुसाई उपस्थित रहे जबकि सीएमओ डॉ.बी.एस.रावत, डीपीओ यशोदा बिष्ट सहित सभी सीएचसी के एमओआईसी और विभिन्न अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।
