हरिद्वार में 54 करोड़ रुपये के भूमि घोटाले में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, डीएम हरिद्वार कर्मेन्द्र सिंह और एसडीएम अजयवीर सिंह समेत 12 लोगों पर गाज गिरी है। धामी सरकार की यह बड़ी कार्यवाही हुई है। भूमि घोटाले की जांच वरिष्ठ आइएएस अफसर रणवीर सिंह चौहान को सौंपी गई थी। 29 मई को जांच अधिकारी रणवीर सिंह ने रिपोर्ट सचिव शहरी विकास अफसर को सौंप दी थी।
जांच के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव शैलेश बगोली ने उक्त तीनों अधिकारियों को निलबिंत कर दिया है। निलंबन आदेश में तीनों अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी भी की गई है। जिसमें कहा गया है डीएम हरिद्वार व तत्कालीन नगर निगम प्रशासक कर्मेन्द्र सिंह ने नगर निगम की ओर से क्रय की गई भूमि के लैंडयूज को बदलने में शासनादेशों की अनदेखी की गई। वहीं, नगर आयुक्त के पद पर तैनात रहते हुए वरुण चौधरी ने निगम के हितों की रक्षा नहीं की व एसडीएम हरिद्वार अजयवीर सिंह ने भूमि को अकृषक करने में राजस्व परिषद की निर्धारित एसओपी का पालन नहीं किया। बहरहाल भूमि घोटाले पर धामी सरकार के एक्शन के बाद हड़कंप मचा है।