प्रधानमंत्री के प्रस्तावित एक दिवसीय हर्षिल;मुखवा भ्रमब को लेकर तमाम तैयारियां की जा रही हैं। सीमांत ग्राम्य उद्योग प्रधानमंत्री को पहाड़ का मुख्य वस्त्र मिरजाइ भेंट करेगा। जिसमे कोट, पैजामा व पहाड़ी टोपी जिसमे ब्रह्मकमल लगा होगा को चुना गया है। यानि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भ्रमण के दौरान यहां के पारंपरिक परिधान में नजर आ सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारी में जहाँ जिला प्रशासन जुटा है वहीं ग्रामीण उनके लिए पारंपरिक परिधान तैयार कर रहे हैं जिसमे भेड़ के ऊन के कपड़े से बना बंद गले का कोट, पजामा व पहाड़ी टोपी शामिल है। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री को शीतकालीन यात्रा के दौरान किन्नौरी जनजाति समुदाय के द्वारा तैयार किए स्थानीय उत्पाद भेंट करने की योजना बनाई है।जिसमे कोट, पजामा व पहाड़ी टोपी को चुना गया। इसमें पहाड़ी टोपी भी होगी. जिस पर ब्रह्मकमल लगा होगा।
सीमांत ग्राम्य उद्योग के कमल सिंह नेगी ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री के लिए स्लेटी व बादामी रंग के ऊनी कपड़े तैयार तैयार करने को कहा है। इस ऊन से बने भेंडी की खासी खासियत मानी जाती है
सीमांत ग्राम्य उद्योग के कमल सिंह ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री के लिये पहाड़ी परिधान बनकर लगभग तैयार हो चुके है। ये ऊनी वस्त्र पहाड़ो की मुख्य पहचान है. जिसे वे प्रधानमंत्री को भेंट करेंगे। इस वस्त्र का नाम मिरजाइ है. जो विलुप्त के कगार पर था. इसे अब फिर से बना कर इसे आने वाली पीढ़ी व् पूरे भारत व विश्व में दिखाया व बनाया जायेगा और इसका प्रचलन फिर से किया जायेगा।
