राष्ट्रीय हिमनद झील विस्फोट बाढ़ जोखिम शमन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में स्थित केदार ताल का वैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं स्थलीय संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के 20 सदस्यीय दल कोप्रशांत आर्य ने गढ़वाल मंडल विकास निगम उत्तरकाशी से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दल द्वारा केदार ताल में 15 से 21 सितंबर तक बैथमेट्री सर्वेक्षण, स्थलीय निरीक्षण एवं संयुक्त अध्ययन किया जाएगा। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा केदारताल का विस्तृत सर्वेक्षण तथा आसपास के क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में संभावित आपदा जोखिमों का भी आंकलन किया जाएगा।
इस अभियान में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान देहरादून, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान रूड़की, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञान संस्थान लखनऊ, आईटीबीपी तथा जिला प्रशासन एवं विशेषज्ञ संयुक्त रूप से सहयोग कर रहे हैं।
दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदार ताल तक आवश्यक उपकरण एवं सामग्री पहुंचाने तथा सर्वेक्षण कार्य में सहयोग के लिए लगभग 20 सदस्यीय पर्वतीय पोर्टर दल भी विशेषज्ञ टीम के साथ रवाना हुआ है।
इस दौरान अपर सचिव आपदा प्रबंधन प्रकाश चंद समेत अन्य मौजूद रहे।
