मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को नैनीताल जनपद के 109 गांव चिंहित

 

देहरादून/ नैनीताल
डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने कहा कि जनपद में पिछले वर्ष मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कई लोगों की जानें गई और कई लोग घायल हुए। इसके अलावा जंगली जानवरों द्वारा कृषि और बागवानी की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। नैनीताल कृषि एवं बागवानी के लिए प्रसिद्ध जनपद है, इसलिए किसानों की फसल और जान-माल की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डीएम श्री रयाल ने बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग, कृषि एवं उद्यान विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पिछले 5 से 10 वर्षों में संघर्ष वाली घटनाओं का अध्ययन कर रेड जोन चिन्हित किए गए हैं। इस वर्ष संघर्ष से सर्वाधिक प्रभावित 109 गांवों का चयन किया गया है। इन रेड जोन वाले गांवों में जहां सघन खेती होती है और लगातार वन्यजीवों के हमले हुए हैं, वहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन चिन्हित 109 गांवों में गुणवत्तापूर्ण चैनलिंग फेंसिंग का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। साथ ही पर्याप्त संख्या में सोलर लाइट्स भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला योजना के अंतर्गत इन कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त खनन न्यास से 2.5 करोड़ रुपये अतिरिक्त उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि चिन्हित गांवों में शत-प्रतिशत फेंसिंग एवं लाइट का कार्य पूर्ण किया जा सके। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री का भी विशेष फोकस है कि कृषि-बागवानी को संरक्षण दिया जाए। जहां कहीं भी गांवों में जान-माल का खतरा है, वहां पिंजरे लगाने, सोलर लाइट लगाने और फेंसिंग के कार्य प्राथमिकता से किए जायँ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *