डीएम टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नाम पर एक निजी फर्म द्वारा बिना सक्षम स्तर से स्वीकृति एवं जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग की अनुमति बगैर श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में डीएम ने सचिव, श्रम विभाग, उत्तराखंड शासन को विस्तृत पत्र प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। डीएम ने बताया कि संबंधित निजी फर्म द्वारा गत 2 अगस्त को शिविर आयोजित किया गया, जहां किट वितरण की व्यवस्था भी सुव्यवस्थित नहीं थी। भ्रामक खबरों पर बौराड़ी स्टेडियम में श्रमिकों के एकत्रित होने से श्रमिकों एवं आमजन में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दौरान आमजन द्वारा रोष व्यक्त किए जाने के कारण क्षेत्र में लॉ एंड आर्डर की स्थिति उत्पन्न हो गई। जिसके बाद इस प्रकरण की जांच एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता ने की जिसमें संबंधित फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई तथा ब्लैकलिस्ट किए जाने की संस्तुति की गई। डीएम का कहना है कि भविष्य में श्रमिक कल्याण शिविर न्याय पंचायत स्तर पर जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित किए जाएं, जिनकी पूर्व सूचना ग्राम प्रधानों एवं जनप्रतिनिधियों को दी जाए ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुचारु रूप से पहुंच सके साथ ही जनपद में श्रम विभाग के कार्यों की लगातार मिल रही शिकायतों तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं किए जाने पर उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि भविष्य में श्रमिक कल्याण से संबंधित किसी भी शिविर का आयोजन केवल सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति एवं जिला प्रशासन के समन्वय से ही किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से प्राप्त हो सके।
