सीमांत हर्षिल में भागीरथी नदी के बढ़े जलस्तर से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने डीएम प्रशांत आर्य ने बुधवार को हर्षिल का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। डीएम ने गढ़वाल मण्डल विकास निगम के समीप चल रहे सीसी ब्लॉक और वायरक्रेट सुरक्षात्मक कार्यों का निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था को निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और कार्य की रफ्तार में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान हर्षिल में नदी के समीप आवासीय भवनों और भूमि को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके। नदी के बहाव दिशा में एक पेड़ आने से नदी के बहाव की दिशा प्रभावित होने की संभावनाओं को देखते हुए डीएम ने सिंचाई विभाग को तत्काल पेड़ हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने नदी के दूसरी ओर कुछ पेड़ जो नदी की और झुके हुए हैं,जिससे पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट आने की संभावना है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इन पेड़ों को हटाने के निर्देश दिए,ताकि नदी का बहाव सुचारू रूप से चल सके।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा नदी कटाव को रोकने और संभावित जोखिम को कम करने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान आर्मी कर्नल शशांक सप्पल, समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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