देहरादून/ दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के आरोपों को कॉलेज प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए दो छात्रों को निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की सिफारिश पर की गई है। दोनों छात्रों को जांच पूरी होने तक हॉस्टल से बाहर रखा गया है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, हाल ही में जूनियर छात्रों ने हॉस्टल में सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।वशिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल मामला एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपा। प्रारंभिक जांच में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह अंतरिम कार्रवाई की गई है। एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पीड़ित छात्रों से भी पूरी जानकारी ली जा रही है, ताकि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा सके। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने तक निष्कासन का आदेश प्रभावी रहेगा।
उधर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में दोनों छात्र दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है जिसमें कॉलेज से स्थायी निष्कासन या विश्वविद्यालय स्तर पर कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। कॉलेज प्रशासन ने दोहराया कि संस्थान में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति लागू है और किसी भी छात्र की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं किया जाएगा। इस संबंध में कॉलेज की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।
इधर इस घटना के बाद कॉलेज परिसर में अनुशासन और छात्र सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
