सोमवार को डीएम सविन बंसल के जनता दर्शन, जन सुनवाई कार्यक्रम में 144 लोगों ने अपनी समस्या और शिकायतें डीएम के समक्ष रखी। इनमें अधिकांश शिकायतें महिलाओं से संबंधित रही जिस पर डीएम ने एक्शन लिया। मेहूवाला निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग बीमार महिला ने अपनी ही बहू द्वारा मारपीट किए जाने और घर पर कब्जा करने की शिकायत पर डीएम ने भरण पोषण अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए। विधवा विशाखा ने डीएम से फरियाद लगाई कि उनके पति की जून 2025 में मृत्यु हो गई है पति ने वर्ष 2024 में 22 लाख का होमलोन लिया था पति के जीवित रहते बैंक ऋण की किश्त भी जमा की गई थी। उन्होंने बताया कि पति की मृत्यु उपरान्त बैंक की ऋण की किस्त जमा नही हो पा रही है, इंश्योरेंश कम्पनी क्लेम नही दे रही है जिस पर डीएम ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
डालनवाला निवासी अनुराधा देवी ने बताया कि उनके स्व. पति ने बैंक से 8.50 लाख का ऋण लिया था, बैंक ऋण का बीमा भी किया गया था। पति की मृत्यु के बाद उसकी आजीविका का कोई साधन नही है। ऋण का बीमा होने के बाद भी बैंक लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। इस पर डीएम ने एएसडीएम सदर को सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर शीघ्र प्रकरण पर कार्रवाई हेतु फाइल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। चन्द्र परिसर कॉलोनी 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने पड़ोस में एमडीडीए के मानक के विरूद्व बहुमंजिला भवन निर्माण करने और उन पर अनुचित दबाव बनाने की शिकायत पर एमडीडीए अधिकारी को लिखित में इसका जवाब दाखिल करने को कहा। कालिका मार्ग निवासी निशा ने बताया कि उनके घर की दीवार पर पानी रिसने से करंट आ रहा है, लेकिन पडोसी उन्हें अपने ही घर की दीवार पर प्लस्तर नही करने दे रहा। जिस पर डीएम ने ओसी क्लेक्ट्रेट से आज ही रिपोर्ट तलब की है। रेश्मा बिष्ट ने पति द्वारा घर से निकालने के बाद भरण पोषण न दिए जाने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता तक विधिक सहायता पहुंचाने को कहा। पथरिया पीर निवासी विधवा नीतू ने डीएम से फरियाद जगाई कि उनके द्वारा स्वरोजगार ऋण हेतु आवेदन किया गया था किन्तु उनका आवेदन पर कार्यवाही नही हो पाई जिस पर डीएम ने जीएमडीआई से नीतू के प्रकरण पर एटीआर तलब की हैं। वहीं स्वीकृत आवासीय नक्शे पर व्यवसायिक निर्माण की शिकायत पर एमडीडीए को कार्रवाई के निर्देश दिए।