1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट बनी पशुपालकों की आस, डीएम ने 1962 पर कॉल कर लिया जायजा

 

प्रदेश में संचालित 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट पशुपालकों के लिए काफी मुफीद साबित हो रही है। एक कॉल पर पशु चिकित्सकों की टीम पशुपालक के घर पहुंचकर पशुओं का इलाज कर दवाई तक वितरण कर रही है।
उधर जनपद उत्तरकाशी प्रभारी नीला सिंह ने डीएम प्रशांत आर्य से मुलाकात की और जिले में चल रही 1962 सेवा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की जानकारी साझा की । डीएम द्वारा जिले में चल रही 1962 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की प्रशंसा की गई। डीएम ने स्वयं 1962 पर कॉल कर 1962 सेवा मोबाइल वेटरनरी के रेस्पॉन्स सिस्टम की जानकारी भी ली। यूनिट के जिला प्रभारी द्वारा बताया गया कि उत्तरकाशी जिले में पाँच 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट भटवाडी, डुंडा , चिन्यालीसौड़, नौगांव, मोरी में निशुल्क संचालित की जा रही है।
यह टीम गांव-गांव पहुंचकर पशुपालकों की सेवा में समर्पित कार्य कर रही है। यह मोबाइल यूनिट न केवल बीमार पशुओं का समय पर इलाज कर रही है बल्कि बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिला प्रभारी ने बताया कि पूरे जिले में अभी तक इस 1962 एम.वि.यू के द्वारा 23230 हजार से अधिक पशुओं का निशुल्क उपचार किया गया है।

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