बीमा क्लेम न देने पर उपभोक्ता फोरम का आदेश, 45 दिन के भीतर बीमा कंपनी करे भुगतान

 

उपभोक्ता फोरम ने एक वाद पर अहम फैसला देते हुए बीमा कंपनी को परिवादी का क्षतिपूर्ति का भुगतान 45 दिन के भीतर करने के आदेश दिए हैं। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग उत्तरकाशी के समक्ष प्रस्तुत वाद संख्या 17/2021 में आयोग के अध्यक्ष पुष्पेंद्र खरे व सदस्य प्रेम सिंह भण्डारी की ओर से फैसला दिया गया कि परिवादी को बीमा कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड 45 दिन की निर्धारित अवधि में 1 लाख 9 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के,सेवा में कमी के 10 हजार रुपये व पीड़ित के आय व्यय में हुए खर्च के 3 हजार रुपये भुगतान करे। आदेश में 45 दिन की निर्धारित अवधि में भुगतान न करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक व्याज देना होगा।

बता दें कि परिवादी महफूज खान पुत्र महमूद खान निवासी पुराना पुलिस लाइन उजेली थाना कोतवाली उत्तरकाशी बनाम विपक्षी प्रबंधक एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड सुभाष रोड देहरादून का वाद आयोग के समक्ष प्रस्तुत हुआ था। जिसमे परिवादी ने विपक्षी के विरुद्ध बीमित वाहन की मरम्मत में हुए खर्च की धनराशि साढ़े चार लाख रुपये मय 12 प्रतिशत वार्षिक व्याज सहित दुर्घटना की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक व मानसिक वेदना व आय व्यय में 10-10 हजार रुपये दिलाये जाने
का मामला आयोग के समक्ष रखा। परिवादी का वाहन बीमा पॉलिसी के अंतर्गत 7 लाख रुपये के लिये बीमित था और बीमित अवधि में वाहन आल वेदर निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। मौके पर बीमा कंपनी को सूचित किया गया। बीमा कंपनी की ओर से सर्वेयर ने आंकलन किया। वाहन को वर्कशॉप में ले जाने को कहा। ऋषिकेश में वर्कशॉप में बीमा कंपनी के सर्वेयर ने परिवादी से बीमा क्लेम को लेकर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कराई बावजूद इसके बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया। जबकि परिवादी वाहन स्वामी बीमा कंपनी के सर्वेयर के कहने पर वाहन को ऋषिकेश में वर्कशाप में ठीक कराने के लिये लेकर गया। जिस पर दुर्घटनास्थल से ट्रक को ऋषिकेश ले जाने में 40 हजार रुपये का खर्च और ट्रक को ठीक कराने में साढ़े चार लाख रुपये खर्च होना परिवादी ने बताया।

इधर उक्त मामले को आयोग ने न्याय के दृष्टिगत आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को परिवादी को 1 लाख 9 हजार रुपये क्षतिपूर्ति व सेवा में कमी के लिये 10 हजार रुपये तथा आय-व्यय के 3 हजार रुपये भुगतान करने के आदेश दिए हैं।

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