एनीमियामुक्त भारत कार्यक्रम के तहत उत्तरकाशी जिले में 3 फरवरी से 10 फरवरी तक पल्स एनीमिया महाअभियान चलाया जाएगा। जिसका शुभारंभ डीएम डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने किया। इस अवसर पर डीएम ने गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि एनीमिया को रोकने के लिए भोजन की अच्छी आदतों को अपनाएं। आयरन और विटामिन बी से भरपूर खाद्य पदार्थ यथा हरी पत्तेदार सब्जियां, अंडे, दालें, साबुत अनाज का सेवन करें और जंक फूड से परहेज करें।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एनीमियामुक्त भारत कार्यक्रम के तहत 3 से 10 फरवरी तक पल्स एनीमिया
महाअभियान में सभी गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच की जायेगी। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन कम होने पर उन्हें जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में डॉक्टरों की देखरेख में आयरन सूक्रोज का इंजेक्शन दिया जायेगा। सीएमओ ने बताया कि जनपद में आतिथि तक 4742 गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं जिनकी अभियान के दौरान हीमोग्लोबिन जांच की जायेगी। हीमोग्लोबिन जांच हेतु जनपद के 86 उपकेन्द्रों को स्क्रीनिंग केन्द्र एवं 8 चिकित्सा इकाईयों को एनीमिया उपचार केन्द्र बनाया गया है। कार्यक्रम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शमा आफरीन ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित जांच की सलाह दी ताकि उन्हें प्रसव के दौरान दिक्कत न हो।
कार्यक्रम में प्रमुख अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ. पी.एस. पोखरियाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. पांगती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम हरदेव राणा, जिला लेखा प्रबंधक पवन चंदेल, आई.ई.सी. मैनेजर अनिल बिष्ट, कम्युनिटि मोबिलाइजर सीमा अग्रवाल, हॉस्पिटल मैनेजर हरिशंकर नौटियाल एवं शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकत्रियां मौजूद रही।