हल्द्वानी के गोरापड़ाव में हुई डकैती का पुलिस ने किया पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

 

हल्द्वानी में हुई डकैती का नैनीताल पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है पुलिस के अनुसार, डकैती की साजिश जुए में हारी लाखों रुपये की रकम की भरपाई करने के लिए रची गई थी। पुलिस को मिली तहरीर के अनुसार, Kia शोरूम के पीछे स्थित कार्यालय में करीब 10 हथियारबंद नकाबपोश बदमाश घुस आए थे। आरोप है कि बदमाशों ने लोगों को हथियारों के बल पर धमकाकर करीब 8 लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन और तीन सोने की चेन व अंगूठियां लूट लीं और फरार हो गए। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर करीब 50 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की गई। टीम में एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस और डॉग स्क्वायड समेत कई इकाइयों को शामिल किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे किच्छा निवासी यश सिडाना के संपर्क में आए थे। पुलिस के अनुसार, यश सिडाना जुए में लाखों रुपये हार चुका था और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसके बाद गोरापड़ाव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की जानकारी के आधार पर डकैती की योजना बनाई गई। पहले घटनास्थल की रेकी की गई और फिर अन्य लोगों को भी कथित साजिश में शामिल किया गया। पुलिस के मुताबिक, योजना थी कि डकैती से मिलने वाली रकम से जुए में हारी रकम की भरपाई की जाएगी और बाकी रकम आपस में बांट ली जाएगी। पुलिस ने उक्त मामले में वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू (25), निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह (28), निवासी ईश्वरपुर, शीशगढ़, बरेली को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने वंशप्रीत सिंह के कब्जे से 31 हजार रुपये नकद और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रखवीर सिंह के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। वहीं वंशप्रीत सिंह का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वारदात में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
उधर पुलिस टीम की कार्रवाई पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने उत्साहवर्धन करते हुए टीम को 2,500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।

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