देहरादून/ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजस्व परिषद द्वारा राजस्व विभाग के विभागीय कार्यों से सम्बन्धित 6 वेब पोर्टल का शुभारंभ किया। इसमें ई-भूलेख ( अपडेटेड वर्जन), भू-नक्शा, भूलेख अंश, भू-अनुमति, एग्री लोन एवं ई-वसूली पोर्टल ( ई – आरसीएस पोर्टल) शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वेब पोर्टलों से नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी एवं उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे समय की भी बचत होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत राजस्व से जुड़ी नई सेवाओं का ऑनलाइन उपलब्ध होना महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी एवं नागरिक घर बैठे ही खतौनी सहित अन्य राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में, ऑनलाइन भुगतान कर प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा प्रदेश में उद्योग एवं कृषि प्रयोजनों हेतु भूमि उपयोग/भूमि कार्य की अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन की गई है। साथ ही भूमि मानचित्र (कैडस्ट्रल मैप) को सार्वजनिक डोमेन में निःशुल्क देखने की सुविधा प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 वेब एप्लीकेशन का नवीन संस्करण डिजिटल इंडिया की भावना, विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखण्ड के लक्ष्यों तथा समय की मांग के अनुरूप आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उन्नत किया गया है। इस पहल से प्रशासनिक पारदर्शिता एवं नागरिक सुविधा में वृद्धि होगी। जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज ऑफ लिविंग को भी बढ़ावा मिलेगा।
ई-भूलेख पोर्टल के तहत भूमि अभिलेखों से संबंधित सेवाओं में विशेष रूप से खतौनी अब तहसील कार्यालय आने के बजाय घर बैठे मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से सत्यापित प्रति के रूप में, ऑनलाइन नियत शुल्क का भुगतान पेमेंट गेटवे के माध्यम से कर, प्राप्त की जा सकती है। पूर्व में खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने हेतु आमजन को तहसील आना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध है।
