देहरादून /एचडीएफसी आर्गो इंश्योरेंस लिमिटेड ने जिला प्रशासन के नाम 8,92000 रुपये का चेक जमा कराया गया है।डीएम सविन बंसल के सख्त रुख से जहां उपभोक्ताओं से ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां बैक फुट पर है वहीं जिला प्रशासन के कड़े फैसले से असहाय प्रताड़ित महिला, बुजुर्ग, बच्चों को न्याय मिल रहा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने 9 वर्षीय बालिका की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित करने वाली बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का इलाज कर दिया, बीमा कंपनी के सिर पर कुर्की की तलवार लटक रही है। दरअसल फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व. प्रदीप रतूड़ी ने डीएम के समक्ष गुहार लगाई कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन क्रय किये जाने हेतु प्रबन्धक, एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० से 8,11,709 रुपये का ऋण लिया गया था। सम्बंधित बैंक के द्वारा बताया गया कि लोन के पश्चात् बीमा एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो आईआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी ऋण को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है तथा एचडीएफसी अरगो जीआईसी लि० से पॉलिसी संख्या सीआई 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नं० आरआरसीआई 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था। बीमा सम्बंधी दस्तावेज कभी भी डाक के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराये गये थे। उनके पति की मृत्यु के पश्चात् सुप्रिया द्वारा बैंक से अपने पति द्वारा लिए गये लोन 8,11,709/- को चुकाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है तथा लोन न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा लेने की धमकी दी जा रही है, जिसके लिए सुप्रिया द्वारा सम्बंधित इंश्योरेंस कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का अनुरोध डीएम से किया गया। जिसके उपरांत डीएम ने एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० की 8.11 लाख की आरसी काटते हुए फरमान सुनाया कि 5 दिन में ऋण माफी करें नही तो सम्पति कुर्क कर निलाम की जाएगी। डीएम की चेतावनी और सख्त रूप से एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० ने 892000 का चेक तहसील सदर के नाम जमा कर दिया है।
