तीन शादीशुदा पुत्रों के होते हुए भी राशन विहीन 72 वर्षीय बुजुर्ग सरस्वती सीधे कलेक्ट्रेट पहुंची और डीएम सविन बंसल को सुनाई व्यथा। 3 पुत्रों में से जब बुजुर्ग मॉ संग रह रहा एक आखिरी पुत्र भी हुआ अपने परिवार संग अलग तो मॉ सरस्वती की राशन आपूर्ति भी हो गई ठप्प। खाद्यान विभाग का डीलर 72 वर्षीय बुजुर्ग सरस्वती को राशन देने में कर रहा था आनाकानी जिस पर डीएम ने तत्काल एक्शन लिया। डीएम के एक्शन लेते ही पहले पूर्ति विभाग के अधिकारी दौड़े-दौड़े पहुंचे बुजुर्ग महिला के पास और चंद घंटे में बुजुर्ग महिला को मिल गई राशन।
इस मामले में डीएम का कहना था कि असहाय का शोषण तिरस्कार होगा और दण्डनीय है, इस प्रकार के मामले क्षम्य नही होंगे।