मानसून सीजन की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के दूसरे चरण को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए डीएम प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। डीएम ने अधिकारियों को फील्ड में जाकर उनके विभागों से संबंधित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर दुरुस्त करने के निर्देश दिये। गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सक्रियता से कार्य करने को कहा है तो वहीं बीआरओ की सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने गंगोत्री यात्रा मार्ग के नगुण, रतूड़ीसेरा, बंदरकोट, चड़ेथी, लिमच्यागाड और पापड़गाड जैसे संवेदनशील स्थलों पर मलबा तुरंत हटाकर मार्ग खुला रखने की हिदायत दी। वहीं यमुनोत्री मार्ग पर स्यानाचट्टी, पालीगाड, सिलाईबैंड और औजारी में ईई एनएच को पर्याप्त मशीनरी और कार्यबल तैनात कर यात्रा सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिये। डीएम ने गंगोत्री-यमुनोत्री धामों के मुख्य पड़ावों पर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जिला पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल को विशेष निर्देश दिए। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी व्यवस्था को मानक के अनुसार संचालित करने पर जोर देते हुए पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, वाटर हीटर, चरी तथा मयूल टास्क फोर्स को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को यात्रा मार्गों के मुख्य पड़ावों पर हेल्थ चेकअप पॉइंट्स सुचारू रखने और पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की नियुक्ति करने के अलावा मेडिकल क्विक रिस्पांस टीम और आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सीडीओ जय भारत सिंह,एडीएम मुक्ता मिश्र सहित विभिन्न अधिकारी वीसी के माध्यम से भी जुड़े।
