पौराणिक आस्था व संस्कृति, हारदूध मेले में बेटी- ब्वारियों का भव्य समागम

 

उत्तरकाशी जिले के सीमांत ब्लॉक भटवाड़ी क्षेत्र के पाला गांव में छत्रधारी सर्पनाथ देवता के हारदूध मेले की भव्य छटा, बेटी-ब्वारीयों के रासो नृत्य ने मन मोह लिया। पाला में आयोजित छत्रधारी सर्पनाथ देवता के पौराणिक हारदूध मेले में आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। मेले में गांव की बेटियों और ब्वारीयों का भव्य समागम आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर क्षेत्राधिपति समेश्वर देवता, बासुकी नाग देवता, नारायण देवता, नरसिंह देवता एवं राजा देवता के दिव्य सानिध्य में उच्च हिमालयी बुग्यालों से लाए गए पवित्र ब्रह्मकमलों तथा ग्रामीणों द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित दूध से ईष्ट देवताओं का विधिवत दुग्धाभिषेक किया गया। देव पूजन एवं आशीर्वाद के साथ क्षेत्र में सुख, समृद्धि, पशुधन की वृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और गांव की खुशहाली की कामना की गई। देव अनुष्ठानों के उपरांत मूसलाधार बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। गांव की बेटियों और ब्वारीयों ने पारंपरिक वेशभूषा में उत्साहपूर्वक रासो नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने पूरे मेले को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। लोक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों और देव संस्कृति की अनुपम झलक ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
हारदूध मेला केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, सामाजिक एकता और पीढ़ियों से चली आ रही देव परंपराओं का जीवंत प्रतीक है, जो आज भी अपनी मौलिकता और गरिमा के साथ जीवंत है।
इस अवसर पर देवता के भंडारी रघुवीर सिंह रावत, करतार रावत, प्रताप प्रकाश पंवार, ग्राम प्रधान अवतार पंवार, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती सरिता राणा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सोनिका रावत, अविनाश रावत, पूर्व प्रमुख श्रीमती विनीता रावत, विक्रम सिंह, जोत सिंह रावत सहित आगंतुक ध्यानियां व ग्रामीण उपस्थित रहे।

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